गीता शाश्वत जीवंत चेतना का प्रवाह है : डॉ.दीपक
नजीबाबाद। गायत्री परिवार की ओर से गीता जयंती पर विभिन्न स्थानों पर गायत्री यज्ञ, प्रवचन और गंगाजल वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डॉ.दीपक कुमार ने कहा कि वेदों का सार गीता है। गीता एक शाश्वत जीवंत चेतना का प्रवाह है, यह जाति धर्म संप्रदाय से पृथक एक ऐसा ग्रंथ है जो हर व्यक्ति को समाधान देता है। उन्होंने कहा कि गीता के सार में ही जीवन की सार्थकता छिपी है। डॉ.दीपक कुमार के निर्देशन में गीता जयंती पर गायत्री शक्तिपीठ, रमेशनगर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर, रमेश नगर, बाजार कल्लूगंज में सारिका अग्रवाल के आवास पर गायत्री यज्ञ प्रवचन आदि के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
गायत्री शक्तिपीठ की ओर से गीता ग्रंथ का पूजन करने के साथ गंगाजल से भरी कैन गायत्री साधकों को वितरित की गईं। इस अवसर पर मधुबाला गुप्ता, श्रद्धा रानी, पुष्पा शर्मा, सुमन वर्मा, कृष्णकांता गोयल, सारिका अग्रवाल, सत्यप्रकाश राजपूत, मनोज अग्रवाल, विभा माहेश्वरी, माया वर्मा उपस्थित रहे। परिव्राजक दिनेश चौबे ने गायत्री मंत्र के साथ यज्ञ संपन्न कराया।