बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए बाॅयोमेट्रिक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। शासन ने वार्षिक ई-केवाईसी प्रक्रिया लागू कर दी है। बॉयोमेट्रिक ईकेवाईसी होने से जीवित व वास्तविक लाभार्थियों को ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिलेगी। अभी तक मृतक किसानों के खातों में धनराशि की किस्त चली जाती है। इससे योजना पारदर्शी बनेगी और डाटा लीक पर भी रोक लगेगी।
उप कृषि निदेशक डॉ. धनश्याम वर्मा ने बताया कि योजना के तहत पंजीकृत सभी पात्र किसान 30 जून तक अपनी ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें। इसके लिए किसानों को दो विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पहला बायोमेट्रिक ई-केवाईसी, जिसे किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर करा सकते हैं। दूसरा फेशियल ई-केवाईसी, जिसे पीएम किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से या ग्राम नोडल अधिकारी (वीएनओ) एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों की सहायता से पूरा किया जा सकता है। उन्होंने ने सभी लाभार्थी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें। निर्धारित तिथि तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसानों को योजना के तहत अपात्र माना जा सकता है और उनकी आगामी किस्तों का भुगतान रोक दिया जाएगा।
- दो तरीके से करा सकते हैं ई-केवाईसी
बाॅयोमेट्रिक ई-केवाईसी
- पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पंजीकृत प्रत्येक पात्र लाभार्थी किसान परिवार अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया बाॅयोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के माध्यम से नजदीकी जनसेवा केंद्र से करा सकते हैं।
फेशियल ई-केवाईसी - फेशियल ई-केवाईसी के लिए पीएम किसान मोबाइल एप का उपयोग करके या ग्राम नोडल अधिकारी, क्षेत्रीय कर्मचारी से संपर्क कर पूर्ण करा सकते हैं।