नेचुरोपैथी अपनाकर बीमारियों से पाएं छुटकारा
बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन की बैठक में बीमारियों से छुटकारे के लिए प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति (नेचुरोपैथी) को अपनाने पर जोर दिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 15 से 21 जून तक होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई।
सिविल लाइन में जिला बार के पूर्व अध्यक्ष एसके बबली के आवास पर संपन्न हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग एक ही गाड़ी के दो पहिये हैं। प्राकृतिक जीवन एवं योग को छोड़कर कोई भी पद्धति पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान नहीं कर सकती है। जब सामान्य इलाज असफल हो जाते हैं तब प्राकृतिक चिकित्सा से ही इलाज संभव है। प्राकृतिक चिकित्सा से सब रोग ठीक हो जाते हैं और दवाई भी नहीं खानी होती और चीरफाड़ की जरूरत भी नहीं पड़ती है। बैठक में डॉ. नरेंद्र सिंह ने सूर्य नमस्कार व भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया।
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आसन व प्राणायाम को ज्यादा से ज्यादा करने को कहा गया। अंतरराष्ट्रीय योग सप्ताह पर 15 जून से होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में कुलदीप सिंह चौहान एडवोकेट को सर्वसम्मति से इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन का जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। आरोग्य भारती के प्रदेश अध्यक्ष वैद्य अजय गर्ग, आईएमए के महासचिव सुरेंद्र सिंह, सोमदत्त शर्मा, ओपी राणा, प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. लीना तोमर, डॉ. जावेद सिद्दीकी, कैलाश शर्मा, डॉ. राहत जहां, डॉ. कमल, रोहित कुमार, योगेंद्र सैनी, अंकुलदीप सिंह चौहान आदि ने बैठक को संबोधित किया।