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Bijnor News: फिर बढ़ा गंगा का जलस्तर, आबादी में बाढ़ का खतरा

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मेरठ पौड़ी हाईवे पर बिजनौर में आदर्श नगर के सामने हुए जलभराव से निकलते वाहन। संवाद
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-पिछले तीन दिनों से बाढ़ से जूझ रहे हैं जिले के 11 गांव
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-पहले से ही खेतों में भरा हुआ है बाढ़ का पानी
बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे के ऊपर से फिर बहने लगा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
जलीलपुर (बिजनौर)। दो दिन की राहत के बाद जलीलपुर क्षेत्र में फिर से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खेतों से अभी पानी कम भी नहीं हुआ था कि मंगलवार को फिर से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी। खेतों के साथ ही आबादी क्षेत्र में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे के ऊपर से भी पानी बहने लगा है। पूर्व में इस हाईवे के कट जाने से बनी खाई के ऊपर लकड़ियां डालकर लोग पैदल और दोपहिया वाहनों से आवागमन करने लगे थे लेकिन अब फिर से इसे बंद कर दिया गया है।
जलीलपुर के बाढ़ संभावित क्षेत्र में रविवार से आबादी से पानी उतरना शुरू हुआ था। सोमवार को आबादी से पानी उतर जाने व रास्तों पर कम पानी होने से गांववासियों ने राहत की सांस ली थी लेकिन मंगलवार की दोपहर से गांव रायपुर खादर व मीरापुर सीकरी के किसानों की चिंता फिर से बढ़ने लगी है। गांव रायपुर खादर के पूर्व प्रधान करतार सिंह, गांव निवासी मनोज कुमार, कुलदीप कुमार आदि ने बताया गांव को ब्लॉक व तहसील से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर फिर से दो फीट पानी बहने लगा है। गांव मीरापुर सीकरी के स्वर्ण सिंह लाडी, हरविंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह आदि ने बताया कि छोइया नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है।
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बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर बीते दो सप्ताह में केवल दो दिन ही हल्के वाहनों की आवाजाही हुई। मंगलवार का फिर से सड़क पर पानी बहने से स्टेट हाईवे में बनी खाई के कारण वाहनों का आवागमन बंद हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही तो गांवों में फिर से बाढ़ के हालात हो जाएंगे। उधर, एसडीएम चांदपुर प्रशांत वर्मा ने बताया गंगा में ज्यादा पानी आने की कोई सूचना नहीं है। हो सकता है बरसात के कारण पानी बढ़ गया हो। स्थिति का आकलन कराया जा रहा है।
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गांवों में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा
जलीलपुर क्षेत्र के गांवों में आई बाढ़ के बाद पानी तो उतर गया है लेकिन कीचड़ और गंदगी से बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग को गांवों में शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करानी चाहिए तथा गांवों में मच्छरों की रोकथाम के लिए कीटनाशक का छिड़काव कराया जाए।
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बिजनौर बैराज पर 218.50 मीटर दर्ज किया जलस्तर
पहाड़ पर हो रही बारिश से गंगा में भी उफान बना हुआ है। सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ा हुआ चल रहा है। उधर मंगलवार को बिजनौर बैराज से गंगा में 105500 क्यूसेक पानी बहते हुए आगे निकलता रहा। इसके साथ ही बैराज पर जलस्तर 218.50 मीटर दर्ज किया गया। जोकि खतरे के निशान से महज डेढ़ मीटर ही दूर है।

मेरठ पौड़ी हाईवे पर बिजनौर में आदर्श नगर के सामने हुए जलभराव से निकलते वाहन। संवाद

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