सलेमपुर गांव में पहुंचा गंगा का पानी
छाछरी मोड़। गंगा खादर किनारे बसे गांवों के सैकड़ों किसानों की गन्ना और धान की फसल गंगा का जल स्तर बढ़ने से पानी में डूब गई। सलेमपुर खादर के कई ग्रामीणों के घर के पास पानी भर गया। वहीं, उनके सामने जंगल का रास्ता पूरी तरह बंद होने से पशुओं के चारे की समस्या पैदा हो गई है।
बाढ़ की स्थिति की आशंका से ग्रामीण बुरी तरह भयभीत हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से बाढ़ से किसानों की फसल बर्बाद न हो इसका स्थायी इंतजाम करने की मांग की है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के गंगा खादर के तटीय गांव सलेमपुर खादर, फैजीपुर, ढोलन पुर, महमूदाबाद खादर, मीरापुर, बलिया नंगली और सीकरी के सैकड़ों किसानों की गन्ने और धान की फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो गईं। वहीं, सलेमपुर खादर गांव के मूलचंद, सूरज, चंद्रभान, नेपाल, नरेंद्र, बिजेंद्र, सुधा देवी आदि ग्रामीणों के घरों के पास पानी पहुंच गया है। सलेमपुर खादर जलीलपुर मार्ग पर भी दो-दो फुट पानी भरने से क्षेत्र के ग्रामीणों का आना जाना प्रभावित हो गया है।
खजान सिंह, ननवा सिंह, डॉ. भूपेंद्र सिंह, समय सिंह, सरवन सिंह, डॉ. श्री राम, सुंदर सिंह, बबलू सिंह आदि ग्रामीणों को आशंका है कि इस बार फिर से गंगा का जल स्तर अधिक बढ़ने से बाढ़ की स्थिति पैदा न हो सकती है। इससे पहले जून के महीने में हरिद्वार से क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने से स्लेमपुर खादर क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया था। जिसमें हजारों बीघा गन्ने की फसल डूब गई थी। अब दोबारा पानी आ जाने के कारण उनकी फसलें फिर से डूब गई हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि किसानों की पानी में डूबी फसल का मुआवजा शीघ्र अति शीघ्र दिलवाया जाए।