ग्राम कुंदनपुर और टीप के बीच गंगा की धारा में पंद्रह साल पुराने स्टड ध्वस्त करते लोग।
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बिजनौर में गांव कुंदनपुर को बचाने के लिए गांव वालों ने जान हथेली पर लेकर गंगा की तेज लहरें पार कर धारा के बीच में 15 साल पुराने क्षतिग्रस्त स्टड को हटा दिया। स्टड के हटने से गंगा की धारा सीधी बहने लगी है। टीप के गांव वालों ने स्टड हटने का विरोध करते हुए अपने लिए खतरा बताया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बाद में किसी तरह गांव वालों को शांत कराकर स्टड के पत्थर हटवाए।
गंगा की तेज धारा गांव कुंदनपुर की ओर कटान करती रहती है। कुंदनपुर और टीप के बीच में 15 साल पहले बनाया क्षतिग्रस्त स्टड अब गंगा की धारा के बीच में आ गया है। इस पर झाड़ी उग आई हैं। शुक्रवार को गांव कुंदनपुर के गांव वाले जान हथेली पर लेकर गंगा की तेज धारा को तैरकर पार कर क्षतिग्रस्त पर पहुंचे और पत्थर उखाड़कर गंगा में डालने लगे। गांव वालों का कहना है कि इस क्षतिग्रस्त स्टड से टकराकर गंगा की धारा उनके गांव की ओर रुख कर रही है और कटान करती है। स्टड हटने से गंगा की धारा सीधी हो जाएगी और उनके गांवों की ओर होने वाला कटान रुक जाएगा। नदी की बीच धारा में नाव एक जगह नहीं ठहर पाने के कारण वह तैरकर ही स्टड तक पहुंचे थे। गांव टीप के लोगों को जब इसका पता चला तो उन्होंने विरोध कर दिया। उनका कहना है कि स्टड टूटने से गंगा की धारा उनके गांव की ओर कटान शुरू कर देगी। मामले के तूल पकड़ने पर किसी ने इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी। एसडीएम अनुज कुमार, सीओ सिटी रामानंद कुशवाहा, तहसीलदार न्यायिक राजेश वर्मा आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने गांव वालों को समझाया कि पानी उनके गांवों की ओर कटान नहीं करेगा, लेकिन टीप वाले वहां से नाराज होकर चले गए। बाद में अधिकारियों ने अपने सामने खड़े होकर स्टड के पत्थर हटवाए। स्टड हटाने के दौरान देर शाम मौके पर एक युवक का शव मिला है। पुलिस को ग्रामीणों ने सूचना दे दी है। पुलिस का अनुमान है कि शव दूसरी जगह से बहकर आया है।
गांव रावली में भी घुसा गंगा का पानी
बिजनौर में पहाड़ों पर बारिश से गंगा का पानी एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो गया है। ब्रह्मपुरी के बाद अब रावली में भी गंगा का पानी भरने लगा है। अगस्त में अब तक किसी भी गांव में जलभराव की स्थिति नहीं हुई थी, लेकिन अब पहाड़ों पर बारिश से हालात बदलने लगे हैं। बारिश का पानी बृहस्पतिवार को गांव ब्रह्मपुरी में भर गया था। रात को पानी रावली गांव में भी घुस गया। रावली के गांव वालों ने शुक्रवार को डीएम बी चंद्रकला से मुलाकात की। गांव वालों ने बताया कि गांव में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। उनके घरों के आगे सांप तैर रहे हैं। गांव की मुन्नी, ओमवती, लक्ष्मी, चंद्रो, सोना, कुसम आदि ने बताया कि गांव में तीन से चार फीट तक पानी भरा है। बच्चे स्कूल जाने के बजाए घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हो गए हैं। डीएम से रहने के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है। मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन एसएस गिरि के अनुसार गंगा में शुक्रवार को 1.25 लाख क्यूसेक पानी चल रहा है। रात को डेढ़ लाख क्यूसेक होने का अनुमान है।