बिजनौर। जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 10 दिन बाद शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया गजट जारी होने के करीब 12 दिन बाद शुरू होगी। वर्तमान में बिजनौर, नजीबाबाद और चांदपुर तहसील के किसान अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे जिले की तीन तहसीलों चांदपुर, बिजनौर और नजीबाबाद के 109 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में इसकी लंबाई 56 किलोमीटर रहेगी। इन गांवों की करीब 1058.44 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके एवज में 8 हजार किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। एसएलओ विभाग इस समय दर निर्धारण का काम भी कर रहा है। किसान अपनी जमीन से संबंधित दस्तावेज के साथ तहसील पहुंचकर आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। भूमि के स्वामित्व को लेकर भी कई आपत्तियां सामने आ रही हैं।
तहसीलदार आशीष सक्सेना ने बताया कि कुछ आपत्तियां ऐसी हैं जहां जमीन का बैनामा हो गया था। हालांकि, अभी तक उसका दाखिल-खारिज नहीं हुआ था। ऐसे मामलों में गजट में जमीन के पहले मालिक का नाम प्रकाशित हुआ है। अब नए खरीदार इसे लेकर आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। इन मामलों में बैनामा, राजस्व अभिलेख और अन्य दस्तावेज के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
-तहसील स्तर पर अधिकारी करेंगे दस्तावेज की जांच
गंगा एक्सप्रेसवे का गजट जारी होने के बाद बीते चार दिनों से तहसीलों में आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। तहसील स्तर पर भी अधिकारी दस्तावेज की जांच करेंगे। जमीन किसके नाम है और गजट में किसका नाम प्रकाशित हुआ है। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद यूपीडा को जमीन अधिग्रहण के लिए सूची भेजी जाएगी।
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तहसील पर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। संबंधित अधिकारी दस्तावेज की जांच कर आपत्तियों का निस्तारण करेंगे। अगले सप्ताह से बैनामे शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद एक्सप्रेसवे के लिए चिह्नित भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति मिलेगी। -शरद पाल, एडीएम न्यायिक, बिजनौर