बालावाली से बिजनौर तक रोज होगी गंगा आरती
बिजनौर। गंगा की आस्था से लोगों को जोड़ने व पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिले में बालावाली से बिजनौर तक गंगा के तट पर रोजाना गंगा आरती होगी। आरती के लिए गंगा के तट पर आरती स्थल बनाए गए हैं। गंगा किनारे रोज हर हर गंगा के जयकारे गूंजेंगे। लोगों को आरती के लिए जागरूक किया जा रहा हैं। गांव के लोगों को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी।
प्रदेश सरकार ने बिजनौर से बलिया तक गंगा के किनारे बसे गांवों में रोज आरती कराने का निर्णय लिया है। सरकार ने कहा है कि आरती नियमित रूप से होनी चाहिए। बिजनौर में बालाबाली से चांदपुर तक गंगा का क्षेत्र है। इस इलाके में वैसे तो तमाम गांव पड़ते है, लेकिन 22 ऐसे स्थान हैं जहां प्रतिदिन आरती हो सकती है। यहां आरती स्थल पहले से ही बने हुए थे, लेकिन सरकार के गांव में गंगा किनारे आरती कराने के निर्णय से इन आरती स्थलों की मरम्मत कराई जा रही है। गांव के लोगों को आरती के लिए जागरूक करके उन्हें आरती कराने की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। गांव के लोग इकट्ठा होकर आरती करेंगे। आरती की व्यवस्था खुद गांव के जिम्मेदार लोग करेंगे।
इन गांवों में बने हैं आरती स्थल
ग्राम पंचायत सबलगढ़, तैय्यबपुर गौरवा, रफीउलनगर उर्फ रावली, दयालवाला, खलीउल्लापुर, बादशहपुर, जहानाबाद, टीप, खेड़की हेमराज, कुंदनपुर बीए, मोहिउद्दीनपुर, सैफपुर खादर, तैय्यबपुर काजी, कुवा चतर भोजपुर, दारानगर बीए, जहानाबाद ए, निजामतपुरा बीए, रसूलपुर, पित्तनका बीए, सलेमपुर, मथना, बसंतपुर, सुजातपुर खादर और दत्तियाना में आरती स्थल बने हैं।
टूटे आरती स्थल होंगे दुरुस्त
गंगा के पानी के तेज बहाव में कई आरती स्थल टूट गए हैं। इनमें विदुर कुटी के सामने गंगा के तट पर भी आरती स्थल थोड़ा टूट गया है। सरकार के आरती कराने के निर्णय के बाद टूटे आरती स्थल भी ठीक कराए जाएंगे। उन्हें मजबूत बनवाया जाएगा, ताकि गंगा का तेज बहाव उन्हें नुकसान न पहुंचा सके।
पांच वर्ष से बैराज पर हो रही आरती
गंगा बैराज पर पिछले पांच साल से प्रतिदिन शाम को गंगा के तट पर आरती की जाती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आरती में हिस्सा लेते हैं। ये आरती नमामि गंगे गंगा विचार मंच के जिला संयोजक सौरभ सिंघल करा रहे हैं। किसी बड़े त्योहार पर महाआरती का आयोजन किया जाता है। आरती में दूर दराज के श्रद्धालुओं के साथ आसपास के लोग भी हिस्सा लेने लगे हैं। बालावाली गंगा पर भी आरती शुरू हो गई है। कई बार वहां आरती कराई जा चुुकी है।
आरती स्थलों पर होगी आरती : डीएम
डीएम रमाकांत पांडेय के मुताबिक जिले में 22 गावों में गंगा के तट पर आरती स्थल बनाए गए हैं। इन पर ही गांव वाले आरती करेंगे। ये स्थल आरती के लिए ही बने हैं। गांव वाले आरती करने के लिए स्वतंत्र हैं, उन्हें किसी की इजाजत लेने की जरूरत नहीं है।
ग्रामीणों को कर रहे जागरूक : सौरभ
नमामि गंगे गंगा विचार मंच के जिला संयोजक सौरभ सिंघल के मुताबिक गंगा के तटीय गांवों के लोगों को गंगा के तट पर आरती करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्हें इसकी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। ये लोग गंगा पर रोजान आरती करेंगे। विदुर कुटी से गंगा की धारा दूर पहुंचने के कारण यहां आरती नहीं हो पा रही है। जिले के लोग गंगा की धारा को विदुर कुटी पर फिर से लाने की मांग कर रहे है।