बंद हो सकते हैं जिले के 351 विद्यालय
बिजनौर। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों के नामांकन पर शासन की नजर है। कम छात्रों के नामांकन वाले विद्यालयों को बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने ऐसे विद्यालयों की सूची मांगी है। जिले में 351 विद्यालयों में छात्रों का नामांकन 30 से भी कम है। ऐसे विद्यालय सबसे ज्यादा ब्लॉक जलीलपुर और नूरपुर में हैं। स्कूल चलो अभियान के बावजूद नामांकन कम होना शिक्षकों के लिए मुसीबत बन सकता है।
ब्लॉक जलीलपुर में 43 विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें 30 से कम छात्र हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालय 34 और नौ उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। नूरपुर विकास खंड के 42 विद्यालयों में छात्र संख्या 30 से कम है। इसमें प्राथमिक विद्यालय 27 और उच्च प्राथमिक विद्यालय 15 हैं। इसके अलावा ब्लॉक किरतपुर में 30 से कम छात्र वाले प्राथमिक विद्यालय में 20 व उच्च प्राथमिक में दो, ब्लॉक कोतवाली में प्राथमिक 26 व उच्च प्राथमिक पांच, ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल में प्राथमिक 15 व उच्च प्राथमिक तीन, ब्लॉक नहटौर में प्राथमिक विद्यालय 28 व उच्च प्राथमिक विद्यालय 11, नजीबाबाद में प्राथमिक विद्यालय 25 व उच्च प्राथमिक विद्यालय नौ, हल्दौर में प्राथमिक विद्यालय 19, उच्च प्राथमिक विद्यालय चार, ब्लॉक अफजलगढ़ में प्राथमिक 29, उच्च प्राथमिक छह, बुधनपुर में प्राथमिक 27, उच्च प्राथमिक आठ, अल्हेपुर में प्राथमिक 23 और छह उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें छात्रों का नामांकन 30 से कम है। इन विद्यालयों पर शासन की नजर है। शासन ने इन विद्यालयों की सूची तलब की है। इन विद्यालयों के शिक्षकों को स्कूल बंद होने का डर सताने लगा है। शासन की मंशा है कि कम छात्र वाले विद्यालयों के बच्चों को पास के विद्यालयों में समायोजित किया जा सके। शिक्षकों को भी ज्यादा संख्या वाले विद्यालयों में स्थानांतरण किया जाएगा।
स्कूल चलो अभियान का नहीं हुआ असर
परिषदीय विद्यालयों में छात्रों के नामांकन को लेकर प्रतिवर्ष स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है। काफी विद्यालय ऐसे भी हैं, जिनमें स्कूल चलो अभियान के तहत बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है पर जिले के 351 कम छात्रों वाले विद्यालयों पर अभियान का भी असर नहीं हुआ।
शासन के निर्देशों का होगा पालन : बीएसए
बीएसए महेश चंद्र का कहना है कि छात्रों के नामांकन के बारे में शासन को सितंबर के महीने में ही अवगत करा दिया गया था। शासन द्वारा 30 से कम छात्र वाले विद्यालयों की सूची मांगी गई थी, जो कि भेज दी गई है। शासन का जो भी आदेश होगा, उसका पालन कराया जाएगा।