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रुचि के अनुसार विषय चयन का अधिकार रोजगारपरक व क्रांतिकारी

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छात्रों को रुचि के अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता
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बिजनौर। नई शिक्षा नीति में बड़े बदलाव हैं। उच्च शिक्षा को व्यापक एवं समसामायिक बनाने का प्रयास है। छात्रों को रुचि के अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता है। शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को रुचि के अनुसार विषय चयन करने का अधिकार रोजगारपरक क्रांतिकारी निर्णय माना जा रहा है।
महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा प्रोफेसर का मामले को लेकर अपने आकलन है। केंद्र ने नई शिक्षा नीति का एलान किया है। शिक्षाविद नीति का मंथन करने में लगे हैं। शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा को बहुमुखी बनाने का प्रयास है। इसके लिए विद्यार्थियों को स्नातक में रुचि के अनुसार विषय चयन की स्वतंत्रता है। शिक्षाविदों का मानना है कि अब छात्र पढ़ाई को बोझ नहीं समझेगा। छात्र अपने कैरियर की लक्ष्य प्राप्ति को दृष्टिगत रखते हुए विषयों को चुनेगा। पढ़ाई के विषय चयन की स्वतंत्रता देकर उच्च शिक्षा को कैरियर ओरिएंटड बनाया गया है। प्रख्यात साहित्यकार रविंद्रनाथ टैगोर, नोवल लेखक चेतन भगत आदि अनेक विद्वानों ने पढ़ाई के विषय से हटकर दूसरे क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करके नाम कमाया है।
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आगे बढ़ने को मिलेगा मंच
गुलाब सिंह हिंदू डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्य साधना का कहना है कि अभी विद्यार्थी विषयों में बंधा है। वैश्विक समाज में समय के साथ बदलना जरूरी है। जीवन में आगे बढ़ने के साथ छात्र अपनी छिपी प्रतिभा बाहर लाने के लिए लालायित रहता है। रुचि के अनुसार विषय चयन से उसे आगे बढ़ने को मंच मिलेगा।
बहुआयामी ज्ञान मिलेगा
वर्धमान कालेज बिजनौर में समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष अलका साहू का कहना है कि छात्रों को बहुआयामी ज्ञान मिलेगा। छात्र के व्यक्तित्व के विकास के साथ अतिरिक्त ज्ञान,समाज, व्यक्ति एवं व्यवस्था को समझने में मदद मिलेगा। जो आगे चलकर छात्र को करियर संवारने में मददगार होगा।
रचनात्मक व तार्किक सोच बढ़ेगी
वर्धमान कॉलेज में शिक्षा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एसके जोशी के अनुसार यह उच्च शिक्षा व्यवस्था की विभिन्न श्रेणियों को संयुक्त करने की सोच है। छात्र की रचनात्मक व तार्किक सोच बढ़ेगी। छात्र को थोपे गए विषय को पढ़ने से मुक्ति मिलेगी। राष्ट्रीय संस्कृति व अस्मिता तथा आवश्यक मूल्यों व भाषाओं से जुडे़ विषय का अस्तित्व बच सकेगा।
लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी
साहु जैन कॉलेज नजीबाबाद की हिंदी विभागाध्यक्ष शुभा माहेश्वरी का कहना है कि रुचि के अनुसार विषय का चयन छात्र को लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करेगा। आगे का मार्ग द्विदिशीय होगा। छात्र को व्यक्तित्व व विकास के अधिक अवसर मिलेंगे।
स्वदेशी परिस्थिति को ध्यान में रखकर बनी शिक्षा नीति सही
आरबीडी महिला महाविद्यालय बिजनौर की प्राचार्य जाकिया रफत का का मानना है कि राष्ट्र की सामाजिक व सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनी नीति कामयाब होती है। विदेशी शिक्षा आधारित नीति कितनी कामयाब होगी यह भविष्य तय करेगा।
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रोजगार प्राप्त करने में होगी सुविधा
साहु जैन कालेज नजीबाबाद में वाणिज्य विभाग मे एसोसिएट प्रोफेसर मनीष गुप्ता कहते हैं कि मनमुताबिक विषय पढ़ने पर छात्र को रोजगार प्राप्त करने में सुविधा होगी। एक विषय में फ्लाप रहने पर दूसरा विषय आगे का रास्ता दिखाएगा। निर्णय को सही ढंग से लागू करने की जरूरत है।
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