बिजनौर। करीब बीस बीघा जमीन का सौदा 87.84 लाख में हुआ। दिल्ली की कृषि फर्म को बैनामा भी कर दिया गया। मगर जमीन इससे पहले ही किसी दूसरी फर्म को बेची जा चुकी थी। जमीन पर कब्जे और बाउंड्री की प्रक्रिया शुरू करने पर भेद खुला। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
रामा संदेश एग्रीकल्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक गाजियाबाद निवासी शरद गुप्ता ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसमें कहा कि बिजनौर तहसील के मुर्शफाबाद में स्थित करीब 1.982 हेक्टेयर जमीन को खरीदने के लिए 87.84 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। रकम अदा करने के बाद जमीन का बैनामा दिसंबर 2025 को कराया गया।
जनवरी 2026 में उसने जमीन की बाउंड्री कराने और मौके पर स्थिति देखने के लिए अपने प्रोजेक्ट मैनेजर को भेजा। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि जमीन के पूर्व मालिक ने अपना पूरा हिस्सा पहले ही दूसरी कंपनी के नाम बेच दिया है। इसके बाद पुराने बैनामे की जानकारी सामने आई। आरोप लगाया कि उसे जमीन पहले बेचे जाने की जानकारी नहीं दी गई थी। आरोपियों से भुगतान की रकम वापस करने की मांग की।
एफआईआर में बताया गया है कि 11 फरवरी 2026 को एक नोटरीकृत समझौता किया गया और 38 लाख रुपये के चार चेक दिए गए। इसके बाद भी रकम वापस नहीं की गई और मामले को टालने की कोशिश होती रही। जमीन पहले ही बिक जाने की जानकारी छिपाकर धोखाधड़ी और रकम हड़पने का आरोप लगाया। पुलिस ने मेरठ के गगौल निवासी महमपाल और गुड्डू गुर्जर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की। कहा कि जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।