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फोरलेन बना रही कंपनी के प्रबंधक के साथ मारपीट

Sat, 26 May 2018 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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पीएनसी कंपनी के अधिकारी के साथ मारपीट करते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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धामपुर में भूमि अधिग्रहण के मामले में प्रशासन की ओर से उचित मुआवजा न दिए जाने से आक्रोशित भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को फोरलेन हाइवे निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्रेटेक लि. के कार्यालय पर जमकर तोड़फोड़ की। किसानों के गुस्से को देख कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। कार्यकर्ताओं ने पीएनसी के स्टोर मैनेजर को पीटा। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में घुसकर कंपनी के अभिलेखों को भी फाड़ डाला। कर्मचारियों का कहना था कि जमीन अधिग्रहण के मुआवजा के लेनदेन से उनकी कंपनी का कोई लेनादेना नहीं है। उनका कार्य सरकार द्वारा अधिगृहीत जमीन पर मार्ग का निर्माण करना है। उन्होंने आरोपियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर देने की बात कही है। 
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गौरतलब है कि नेशनल हाइवे विकास प्राधिकरण की ओर से देहरादून से लेकर काशीपुर तक फोरलेन हाइवे मार्ग का निर्माण पीएनसी की ओर से चल रहा है। धामपुर तहसील क्षेत्र के हाईवे पर दोनों ओर बसे कुछ किसानों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उन्हें उनकी जमीन का सर्किल रेट साल 2013 के हिसाब से 1.55 लाख रुपये प्रति  हेक्टेयर से मिलना चाहिए था, पर प्रशासन उनकी जमीन को इस रेट को घटाकर 32 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से खरीद कर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, जिसका किसानों की   ओर से पिछले कई माह से आंदोलन किया जा रहा है। 
इस मामले में वह कई बार डीएम से भी मिल कर समस्या का निदान कराने की मांग कर चुके हैं। सुनवाई नहीं हुई तो शुक्रवार को भाकियू के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह जाट की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने किसानों को उनकी जमीन का सही रेट   दिलाने की मांग को लेकर पीएनसी कार्यालय के बाहर मेन गेट पर तंबू डालकर पंचायत का आयोजन किया। किसानों ने पंचायत की शुरूआत में एसडीएम आजाद भगत सिंह,    सीओ अर्चना, राजस्व विभाग व पीएनसी के अधिकारियों को उनके बीच में आकर समाधान कराने का फरमान भेजा। 
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जब काफी देर तक अधिकारी नहीं पहुंचे तो किसानों ने पीएनसी कार्यालय पर धावा बोल दिया। उन्हें कार्यालय में जो मिला उसी के साथ धक्कामुक्की की। 
कुछ किसान कार्यालय में काम कर रहे स्टोर मैनेजर विजय बहादुर के कार्यालय में पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने स्टोर मैनेजर को उनके साथ मारपीट की। इस दौरान वहां मौजूद अन्य कर्मचारी स्टोर मैनेजर के बचाव में आए। जिससे काफी देर तक भाकियू कार्यकर्ताओं और पीएनसी कार्यालय के कर्मचारियों के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस के बीच में आने पर भाकियू कार्यकर्ता पीएनसी कार्यालय से बाहर निकले।  

घटना से अधिकारियों, कर्मचारियों में दहशत 
स्टोर मैनेजर ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यालय में घुसकर उनके दोनों पैरों को पकड़ कर काफी देर तक घसीटते हुए ले गए। उनकी कमर में चोट आई है। जिस समय भाकियू कार्यकर्ताओं ने धावा बोला तो पीएनसी परियोजना मैनेजर मनोज कुमार व पंकज कुमार भट्ट लंच कर रहे थे। उनके द्वारा घटना के बारे में पीएनसी के उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। घटना से अधिकारी, कर्मचारियों में दहशत है।

फोन करने के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस 
पीएनसी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि जब किसानों ने हमला करने की योजना बनाई और उन्हें इसकी खबर मिली तो उन्होंने कई बार पुलिस को फोन पर सूचना देने का प्रयास किया, पर पुलिस ने फोन रिसीव नहीं किया। फोन रिसीव किया तो तब किया, जब किसान घटना को अंजाम दे चुके थे। हालांकि कोतवाल शक्ति सिंह का कहना है कि जैसे ही उन्हें पता लगा। उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।  

भागूवाला से लेकर धामपुर की सीमा तक तैयार मार्ग उखाड़ देंगे ः जिलाध्यक्ष 
पंचायत में भाकियू के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि यह शर्म की बात है कि जिले की किसान जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर पड़ रही भीषण गरमी में आंदोलन कर रहा है। प्रशासन को उनकी समस्या का स्थायी तौर पर कभी का निदान कर देना चाहिए था। इस मौके पर पंचायत में मौजूद   एसडीएम आजाद भगत सिंह और सीओ अर्चना सिंह को चेताया कि अभी तो उप चुनाव होने से प्रशासन व्यस्त है, लेकिन फिर भी उनके द्वारा प्रशासन को 10 जून तक का समय इस समस्या के निदान को दिया जा रहा है। यदि 10 जून तक किसानों को सही रेट पर मुआवजा नहीं मिला तो 12 जून को     यूपी के बार्डर भागूवाला से लेकर धामपुर की सीमा तक तैयार हुए मार्ग को उखाड़ दिया जाएगा। यह भी चेताया गया कि मार्ग के दोनों ओर लोगों के बने मकानों, दुकानों को गिराना तो दूर ईंट को भी हिलाने की कौशिक की तो किसान लाठीडंडों के साथ सड़क पर उतर आएंगे। पंचायत में डा.लोकेंद्र    सिंह, रामकुमार, रघुवीर सिंह, देवराज सिंह, राजेंद्र सिंह, दुष्यंत राणा, हरिराज सिंह जाट, कविराज, गजेंद्र सिंह टिकैत, अशरफ अहमद, मास्टर अनिल कुमार, दीपक जैन, सतीश कुमार, महावीर, पंकज कुमार,  कुशलपाल सिंह, मेघराज सिंह रहे।
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