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Bijnor News: बारिश से चार मकान गिरे, नदियों में उफान, धान की फसल गिरी

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रेहड़ के गांव छजमलवाला में गिरा मकान का मलबा। स्रोत ग्रामीण
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- बारिश से जलीलपुर क्षेत्र में फिर चढ़ा गंगा का पानी, धान की फसल गिरी
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- खतरे के निशान के पास पहुंची गंगा, 218.70 मीटर पर बह रही गंगा
- पिछले 48 घंटे से लगातार हुई बारिश, तीन दिन में 226.8 एमएम बरसे बदरा

-सोमवार को चार मकानों की छत गिरी, दो दिन में 11 मकान बारिश में गिरे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश का असर साफ दिखाई देने लगा है। जलीलपुर क्षेत्र में गंगा का पानी चढ़ने से क्षेत्रवासियों की मुसीबत फिर बढ़ गई है। वहीं, धान की फसल गिरने से किसानों को नुकसान हुआ। तीन दिन में बिजनौर 226.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश में सोमवार को तीन मकान गिर गए हैं। अब तक 11 मकान बारिश में गिर चुके हैं। वहीं, गंगा खतरे के निशान को छूकर बह रही है।

पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश से गंगा का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। सोमवार सुबह के समय गंगा बैराज पर 219 मीटर पर गंगा बह रही थी। शाम के समय जलस्तर 218.70 मीटर दर्ज किया गया। साथ ही गंगा बैराज सेे एक लाख 26 हजार 315 क्यूसेक पानी बह रहा है। सोमवार तड़के तक लगातार बारिश हुई। इसके बाद सुबह 11 बजे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। सोमवार को 66 एमएम बारिश हुई। सुबह बारिश के बाद दोपहर में निकली धूप, शाम को फिर बादल छा गए। बारिश होने से मौसम में ठंडक घुल गई है। बारिश की वजह से सोमवार को गजरौला शिव, रेहड़, नजीबाबाद, धामपुर क्षेत्र में मकान गिर गए। सोमवार को अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस रहा। नगीना स्थित कृषि वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार का कहना है कि अभी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
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बारिश में गिरी चार मकानों की छत, दो मकानों की दीवार गिरी
गजरौला शिव/रेहड़/नजीबाबाद/धामपुर। मंडावली सैदू के मौजा शादीपुर डल्ला निवासी जरीना (56) पत्नी अकबर का सोमवार को कच्चा मकान बारिश में गिर गया। मकान में रखा खाने पीने का सामना व चारपाई भी मलबे में दब गई। विधवा महिला के रहने का भी कोई ठिकाना नहीं है। लेखपाल पुनीत सागर का कहना है विधवा के गिरे मकान की जांच कर मुआवजा दिलाया जाएगा। रेहड़ के गांव छजमलवाला में चंद्रपाल पुत्र फग्गन सिंह के एक मकान की दीवार रविवार को अचानक भरभरा कर गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई आसपास मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
इसके अलावा हीमपुर दीपा के गांव सिकरौंधा के किसान संजीव पुत्र लखमी सिंह की रविवार रात को पशुशाला की दीवार गिर गई। जबकि, गांव अजुपुरा अनिल पुत्र जल सिंह के मकान का छज्जा भरभरा कर गिर पड़ा। उधर, गांव रामदास वाली में बारिश के कारण किसान वीर सिंह दास की एक पशुशाला की छत भरभराकर गिर गई। कोई अनहोनी नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। इसके अलावा धामपुर के गांव वजीरपुर में संजीव कुमार के मकान की छत गिर गई। नायब तहसीलदार राजकमल सिंह ने बताया कि लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई है।

तटबंध के नीचे भरा मालन और बारिश का पानी, ग्रामीण परेशान
बेगावाला। बाकरपुर गढ़ी से हमीदपुर तक बने तटबंध के नीचे मालन नदी और बारिश का पानी भरा होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से आसपास के खेत जलमग्न हैं। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन दिया लेकिन समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में हर साल सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो जाती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं, बाकरपुर गढ़ी से हमीदपुर तक कच्चा तटबंध तो बनाया गया है, लेकिन रास्ता खराब होने से ग्रामीणों को आवागमन में भी काफी परेशानी होती है। तटबंध के नीचे पाइप लाइन डालकर पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग की।

बारिश से धान की फसल गिरी, किसानों को नुकसान
कालागढ़। कालागढ़ क्षेत्र में तीन दिन से लगातार जारी बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित हुआ। धान की फसल पानी में डूब रही है। जिसके चलते किसानों को भारी चिंता है। जगह-जगह जल भराव होने से यातायात प्रभावित हुआ। रामगंगा बांध के नियंत्रण कक्ष के अनुसार सोमवार की शाम चार बजे रामगंगा बांध के जलाशय का जलस्तर 359.850 मीटर दर्ज किया गया है। उधर, बारिश की वजह से कार्बेट टाइगर रिजर्व में 26 और 27 सितंबर को पर्यटन बंद रहा। सोमवार को सुबह की प्रथम पारी से पर्यटन बहाल हुआ। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वार्डन बिंदरपाल ने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व में लगातार हो रही बारिश के चलते सुरक्षा कारणों से पर्यटन बंद किया गया था।

खो नदी में बढ़ा जलस्तर, इब्राहिमपुर नारायण के पास बने स्टड ध्वस्त
फोटो..
धामपुर। क्षेत्र में खो नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया है। नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण इब्राहिमपुर नारायण गांव में बने स्टड ध्वस्त हो गया। नदी का पानी गांव से करीब 500 मीटर दूर रह गया है। सिंचाई विभाग ने पिछले साल करीब 13 करोड़ की लागत से स्टड बनाया था। पानी तेजी से कटान करते हुए गांव की ओर बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। वहीं, ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग की ओर से पानी रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं करने का आरोप लगाया। भाकियू के पूर्व तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह, ग्रामीण कृपाल सिंह, डॉ. शीशराम सिंह सैनी, जितेंद्र कुमार सैनी, राजकुमार सिंह जलस्तर बढ़ने से गांव को खतरा बना हुआ है। उधर, अफजलगढ़ खंड धामपुर के अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव का कहना है कि नदियां नियंत्रित हैं। क्षेत्र में अभी तक बाढ़ की स्थिति नहीं है।
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स्टेट हाईवे बहसूमा ठाकुरद्वारा डेढ़ फीट पानी, आवागमन बाधित
जलीलपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से गांवों के रास्तों के साथ ही स्टेट हाईवे बहसूमा ठाकुरद्वारा पर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा है। इससे आवागमन बंद हो गया है। ऐसे में बाढ़ संभावित क्षेत्र में फिर से मुश्किल बढ़ गई है। गांव रायपुर खादर व मीरापुर सीकरी की आबादी के चारों तरफ गंगा की जलधारा बह रही है। गांव जलालपुर खादर के रास्तों पर भी पानी बह रहा है। इससे आवागमन भी प्रभावित हो गया है। गांव नारनौर, पांडवनगर पुलिस के निकट रास्ते पर पानी आने से गांव जमालुदीनपुर का खेड़ा, दत्तियाना, सुजातपुर खादर, कुमरिया, सियाली, मुजफ्फरपुर खादर आदि के गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। बाइक सवार अपनी बाइक को ट्रैक्टर-ट्राली पर लादकर पानी के पार ले जा रहे हैं। एसडीएम चांदपुर प्रशांत वर्मा ने बताया पानी कम हो रहा है। आबादी सुरक्षित है। खेतों व रास्तों पर पानी है।

रेहड़ के गांव छजमलवाला में गिरा मकान का मलबा। स्रोत ग्रामीण

रेहड़ के गांव छजमलवाला में गिरा मकान का मलबा। स्रोत ग्रामीण

रेहड़ के गांव छजमलवाला में गिरा मकान का मलबा। स्रोत ग्रामीण

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