-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री के पुतले जलाने का भी किया प्रयास
-कलक्ट्रेट से निकाले जाने के बाद विकास भवन में किया विरोध प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सिर पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए कलक्ट्रेट में घुसे कांग्रेसियों को पुलिस ने बाहर निकाल दिया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी नोकझोंक भी हुई। कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के पुतले जलाने का भी प्रयास किया, मगर पुलिस ने पुतले छीन लिए। कांग्रेसियों ने एसआईआर और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की।
सोमवार को कांग्रेस की जिलाध्यक्ष हैनरीता राजीव सिंह की अगुवाई में कांग्रेसी जिला कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट में दाखिल हो गए। उधर, कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन पर पाबंदी लगा दी गई है, ऐसे में पुलिस ने कांग्रेसियों को बाहर निकाल दिया। कलक्ट्रेट से बाहर निकलते ही एक गाड़ी में रखे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पुतलों को अचानक बाहर निकाला और जलाने का प्रयास किया। इसके बाद विकास भवन में पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया गया।
ज्ञापन में कहा कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए एकतरफा निर्णयों पर 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कीं। आरोप है कि इन आपत्तियों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से अनधिकृत रूप से नए मतदाताओं को जोड़ने, अधिकृत मतदाताओं के नाम हटाने, निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली को दिल्ली में केंद्रित करने, दोनों निर्वाचन आयुक्तों को इससे संबंधित जानकारी से दूर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले से ही कथित ‘वोट चोरी’ अभियान के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाकर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने, उनके कार्यकाल में लिए गए सभी निर्णयों और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की व्यापक एवं स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग उठाई। इस दौरान महेश कुमार, निजामुद्दीन, योगेंद्र कुमार, हुमायूं बेग, वसीम अकरम, मोहम्मद हनीफ आदि मौजूद रहे।