बिजनौर। जीएसटी विकास की रफ्तार बढ़ाने में मददगार है। लेकिन, कुछ लोग सरकार को चूना लगा रहे हैं। ऐसे में अब जीएसटी चोरी करने वाली और बकाया जमा नहीं करने वाली फर्मों की भी खैर नहीं है। बिजनौर में बकायादार चल रही चार फर्मों की विशेष जांच कराने के लिए राज्य जीएसटी विभाग की ओर से शासन को पत्र भेज दिया गया है।
जिले के आयकर विभाग की जांच में हाल ही में चार फर्में जीएसटी बकायेदारी के दायरे में आई हैं। बताया गया कि इन फर्मों पर करोड़ों रुपयों की जीएसटी बकाया और जीएसटी चोरी के भी आरोप है। अब ये फर्में जिले से गायब हो गई हैं। विभाग के रिकॉर्ड में इन सभी फर्मों पर 51.5 करोड़ रुपये जीएसटी बकाया है। जिसके बाद जीएसटी विभाग की ओर से सर्वश्री महादेव एंटरप्राइजेज नजीबाबाद, उत्तरांचल आयरन एंड स्पात लिमिटेड नजीबाबाद, रत्ना कंस्ट्रेशन नजीबाबाद, करीम इंटरप्राइजेज नजीबाबाद फर्म की विशेष जांच कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। अब जांच एजेंसी द्वारा अलग-अलग राज्यों में भी इन फर्मों की जांच की जाएगी।
इन राज्यों में भी चल रही है रत्ना कंस्ट्रेशन फर्म : जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि रत्ना कंस्ट्रेशन फर्म बिजनौर के अलावा आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, कर्नाटक राज्य में भी कारोबार कर रही है। बिजनौर में साल 2014 से 2016 तक का दो करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। यह फर्म सीमेंट, आयरन, स्टील की खरीद-बिक्री के लिए जीएसटी विभाग में पंजीकृत थी।
एटीएस इसलिए करेगी इन फर्मों की जांच : इन फार्मों ने जीएसटी जमा नहीं करके आर्थिक अपराध किया है। साथ ही बिजनौर में इस समय यह फर्म काम भी नहीं कर रही हैं। इन फर्मों को कहां से फंडिंग हो रही है। इन फर्मों के माध्यम से कहां-कहां पैसा भेजा गया है। इन सभी बिंदुओं की जांच एटीएस करेगी।