ढूंढ लिया मिलने मिलवाने का बहाना...
नजीबाबाद। बिजनौरी काव्य मंच की ओर से एक शाम बिजनौरी कवियों के नाम कार्यक्रम के तहत आनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। मंच प्रमुख प्रदीप डेजी के संचालन में आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने होली पर आधारित सुरीली कविताएं प्रस्तुत की।
शुभारंभ मुख्य अतिथि अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के दिल्ली प्रादेशिक माहेश्वरी संगठन के अध्यक्ष नीरज पलतानी और पूर्व राष्ट्रपति के स्वास्थ्य सलाहकार डा. एम वर्ली ने किया। कार्यक्रम में कवियों ने अपनी एक से बढ़कर एक कविताएं प्रस्तुत की। इस दौरान प्रदीप डेजी ने होगी रंग बिरंगी शाम होली आने वाली है, होगी चेहरों पर मुस्कान होली आने वाली है.., मेरठ से मनोज ने बिना दुल्हिन कहारो से कभी डोली नहीं होती, जो पत्थर को न पिघला दे तो वो बोली नहीं होती.., दिल्ली से कुमार शिवेंद्र ने प्यार का रंग चड़ेगा होली में, हुलियारों का हुड़दंग मचेगा होली में.., मुरादाबाद से डॉ. अर्चना गुप्ता ने खिले रंग रेख मन होता बड़ा आह्लद होली में, पुरानी यादें हो जाती है फिर आबाद होली में.., नजीबाबाद से जितेंद्र जैन ने बसंती रंग भी होता है बसंती मन भी होता है, बसंती रंग में भीगा बसंती तन भी होता है.., राकेश जाखेटिया ने क्या कहूं क्या ना कहूं, बस ढूंढ लिया बहाना अपनों से मिलने मिलवाने का.., आदि प्रस्तुतियां दी।