नजीबाबाद/बिजनौर। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ का वारिसान प्रमाणपत्र तहसीलदार की अदालत को मुहैया कराया गया है ताकि वारिस के तौर पर जमीन की खतौनी में पूर्व सीएम का नाम दाखिल हो सके। उधर पुलिस ने भी जमीन का मुआयना करते हुए नक्शा-नजरी तैयार किया। पुलिस विवेचना के क्रम में राजस्व रिकॉर्ड जुटा रही है।
पूर्व सीएम के प्रतिनिधि योगेश कुमार ने अधिवक्ता महबूब आलम के जरिए शनिवार को तहसीलदार न्यायालय में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा निवासी कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ की दिल्ली के अस्पताल में हुई मृत्यु का प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और पूर्व सीएम कमलनाथ के उनके पुत्र के रूप में वारिस होने के प्रमाण दाखिल किए। बता दें कि नजीबाबाद के गांव अमीखानपुर उर्फ जट्टीवाला में पूर्व सीएम कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ की करीब 90 बीघा जमीन थी। अब गाटा संख्या 349, 375, 377 और 429 की खतौनी में महेंद्र नाथ का नाम दर्ज है।
पांच महीने से तहसील में लटका है पूर्व सीएम का आवेदन : अब 18 मई को मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ की ओर से जमीन को विरासत में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया, जिस पर लेखपाल ने मृतक के बाहरी और वारिसों के दूर रहने का हवाला देते हुए आवेदन को आगे बढ़ा दिया गया। इसके बाद यह आवेदन तहसीलदार की कोर्ट में पहुंचा। मगर मई माह से लेकर अब तक विरासत के तौर पर यह जमीन कमलनाथ और उनकी बहनों के नाम पर दर्ज नहीं हो सकी।
एडीएम प्रशासन अंशिका दीक्षित ने बताया कि यह मामला तहसीलदार कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में लेखपाल की भूमिका क्या रही, इसकी जांच एसडीएम नजीबाबाद कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही सही तथ्यों का पता चल पाएगा।थ