बिजनौर। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जनसुनवाई में बिजनौर पिछड़ गया है। प्रदेश में बिजनौर का जनसुनवाई में 60वां स्थान है। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि जिले में अधिकारी जनता की आवाज नहीं सुन रहे हैं। डैशबोर्ड के आंकड़े जारी होने पर जनसुनवाई की सच्चाई सामने आई। जनसुनवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। सरकारी विभागों में होने वाली कमियों या आम आदमी के साथ किए जा रहे गलत व्यवहार की शिकायत के लिए आईजीआरएस पोर्टल है। समस्या के समाधान के लिए आम आदमी पोर्टल पर शिकायत करता है लेकिन उसे समाधान नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश में जनसुनवाई में बिजनौर 60वें स्थान पर है। इसे लेकर सीडीओ रणविजय सिंह ने भी जनवरी, फरवरी, मार्च की निर्गत रैंकिंग की समीक्षा की और स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के खराब प्रदर्शन पर कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
जननी सुरक्षा योजना में बिजनौर की प्रदेश में 28वीं रैंक के साथ सी ग्रेड प्राप्त हुआ है। 20,760 संस्थागत प्रसवों के सापेक्ष मात्र 30.18 प्रतिशत लाभार्थियों को ही भुगतान किए जाने पर सीडीओ ने सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत फरवरी व मार्च) से निरंतर डी ग्रेड प्राप्त होने और प्रदेश स्तर पर 68वीं रैंक प्राप्त होने पर परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में डी ग्रेड एवं वृद्धावस्था पेंशन योजना की प्रगति भी मार्च में सी ग्रेड पाया।
वहीं, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।