बिजनौर में हल्दौर की बिलाई शुगर मिल की ओर से बकाया भुगतान कराने को लेकर रालोद नेता व कार्यकर्ता रविवार को सड़कों पर उतर आए। रालोद नेताओं ने मिल की तालाबंदी कर बिजनौर-नहटौर रोड पर चक्काजाम करते हुए धरना देकर बैठ गए।
किसानों का चक्का जाम करीब चार घंटे चला। प्रशासनिक व मिल अधिकारियों द्वारा जल्दी भुगतान किए जाने के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ।
रविवार को दोपहर करीब 12 बजे रालोद के वेस्ट यूपी अध्यक्ष व पूर्व सांसद मुंशीराम पाल व प्रदेश महासचिव राहुल सिंह की अगुवाई में कार्यकर्ताओं और किसानों ने बिलाई शुगर मिल गेट पर तालाबंदी कर दी।
इसके बाद रालोद नेताओं ने मिल गेट के सामने बिजनौर-नहटौर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया और सड़क के बीच में धरना देकर बैठ गए। पूर्व सांसद मुंशीराम पाल ने कहा कि बिलाई शुगर मिल पर किसानों का करीब 113 करोड़ रुपये का बकाया गन्ना भुगतान बाकी है। भुगतान नहीं मिलने से किसान कर्ज में डूबकर अपनी फसल की बुवाई व तैयारी करने को मजबूर है।
मिल ने मात्र 230 रुपये प्रति क्विंटल का ही भुगतान किया है, जबकि निर्धारित गन्ना मूल्य 280 है। मंडावर के पूर्व चेयरमैन अली अदनान ने कहा कि किसानों का शोषण नहीं होने देगी। भीषण गर्मी में भी किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। एसडीएम सदर अजय तिवारी, जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह, सीओ सिटी रामानंद कुशवाहा मौके पर पहुंचे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बिलाई शुगर मिल के अधिकारियों से मिलकर भुगतान के लिए बातचीत की। मिल के वाइस प्रेजीडेंट अजय शर्मा ने धरनास्थल पर जाकर 230 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से बकाया गन्ने का भुगतान जून माह के अंत तक दिलाने का आश्वासन दिया।
सोमवार को भी तीन करोड़ व 15 मई तक और दस करोड़ रुपये का भुगतान देने की बात कही। जून के बाद से शेष राशि का भुगतान शुरू करने को कहा। जीएम केन अनिल चौहान ने बताया कि चीनी की बिक्री में तीन गुना तेजी लाई गई है।
अधिकारियों के आश्वासन पर जिलाध्यक्ष हरपाल सिंह ने सात दिन से चल रहा धरना समाप्त करने की घोषणा की। संचालन सुरेंद्र सिंह ने किया इस दौरान युवा प्रदेश सचिव अनुज चौधरी, जिला उपाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह वाल्मीकि, पूर्व जिलाध्यक्ष बृजवीर चौधरी, महिला जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, राहुल देशवाल, हुकम सिंह आदि मौजूद रहे।