कोहरे में कम हो गई चीनी की रिकवरी
बिजनौर। दिसंबर में हाड़ कंपाती ठंड ने चीनी मिलों पर भी जमकर सितम ढाया है। ठंड में गन्ने से होने वाली चीनी की रिकवरी प्रति क्विंटल .30 प्रतिशत तक कम हुई है। यानि प्रति क्विंटल बनने वाली चीनी में 300 ग्राम चीनी कम बनी है। जबकि एक क्विंटल गन्ने में 12 किलो चीनी प्राप्त हो रही थी। चीनी मिलों को इससे काफी नुकसान हुआ है। मौसम साफ होने पर रिकवरी के बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जिले की सभी नौ चीनी मिल पूरी क्षमता से गन्ना पेराई कर रही हैं। जिले में सबसे पहले बिलाई चीनी मिल अक्तूबर के आखिरी में चली थी। इसके बाद जिले की सभी नौ चीनी मिलों ने दस नवंबर तक पेराई शुरू कर दी थी। जिले की चीनी मिलों में प्रतिदिन करीब छह लाख क्विंटल गन्ने की पेराई होती है। चीनी मिलों को इस साल रिकवरी 14 प्रतिशत तक जाने का अनुमान है, लेकिन पहले दो दिन की बारिश और अब कई दिन तक आए कोहरे ने मिलों की इस उम्मीद हो तोड़ दिया। कोहरे व बारिश से जिले की चीनी मिलों में रिकवरी .30 प्रतिशत तक गिर गई है। इससे चीनी मिलों के नुकसान हुआ है। वर्तमान में चीनी मिलों की रिकवरी 11.61 प्रतिशत आ रही है। कोहरा आने से पहले तक रिकवरी 12 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक यशपाल सिंह के अनुसार अब मौसम अच्छा होने लगा है, एक दो दिन की धूप में रिकवरी बढ़ जाएगी।
ऐसे होता है नुकसान
पौधे की पत्तियां धूप निकलने पर प्रकाश संशलेषण की क्रिया के जरिये खाना बनाती हैं। गन्ने के पौधे में सुक्रोज व ग्लूकोज दो पदार्थ होते हैं। ग्लूकोज गन्ने के पौधे की खुराक होता है। सुक्रोज से चीनी बनती है। प्रकाश संशलेषण न होने पर गन्ना अपने अंदर मौजूद सुक्रोज को ग्लूकोज में परिवर्तित करके उसे खाने लगता है। बारिश या कोहरे की वजह से कई दिन तक धूप नहीं निकली। इससे पौधे ने यही प्रक्रिया अपनाई। इससे मिलों को नुकसान हुआ।
चीनी मिल रिकवरी
धामपुर 11.20
स्योहारा 12
बिलाई 12.01
बहादरपुर 12.72
बरकातपुर 11
बुंदकी 11.20
चांदपुर 11.15
बिजनौर 11.10
नजीबाबाद 12.15
नोट : रिकवरी के आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं।