है। शुक्रवार को ताजपुर में एक महिला, जबकि रवाना में एक वृद्ध की मौत हो गई। ताजपुर में बुखार से दस दिन पहले दम तोड़ चुकी अपनी छोटी बहन की खबर लेने मायके आई थी।
ताजपुर के खलियापार निवासी मंगल सिंह की पुत्री लीला देवी की 27 सितंबर को बुखार के कारण मौत हो गई थी। छोटी बहन की मौत की खबर सुनकर मंगल सिंह की बड़ी विवाहित पुत्री रानी पत्नी राजेंद्र शोक जताने मायके आई थी। वहां आकर वह भी बुखार की चपेट में आ गई। उसका ताजपुर के ही एक निजी चिकित्सक से उपचार चल रहा था।
शुक्रवार को घर में लीला देवी की आरिष्टी का कार्यक्रम था और परिवार के सभी सदस्य उसकी तैयारी में लगे थे कि अचानक रानी की तबीयत काफी बिगड़ गई। परिजन उसे उपचार के लिए बाहर ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उसकी मौत हो गई। छोटी बहन की आरिष्टी के दिन हुई बड़ी बहन की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंचे विवाहिता की ससुराल वाले शव को अपने साथ ले गए।
उधर, गांव रवाना में भी शुक्रवार को बुखार के कारण बाबू खां (70) वर्ष की मौत हो गई। इसके साथ ही गांव में बुखार से मरने वालों की संख्या एक माह में 26 पहुंच गई है, जबकि ताजपुर में भी बुखार से एक माह में दस मौत हो चुकी हैं। दोनों गांवों में कोई दिन ऐसा नहीं बीत रहा जिस दिन कोई न कोई मौत न हो रही हो। रोजाना हो रही मौतों के कारण गांव वाले बुरी तरह से भयभीत हैं तथा दोनो गांवों में रिश्तेदार भी बीमारों की खबर लेने आने से कतरा रहे हैं।