नजीबाबाद में जटपुरा बौंडा की महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया कि गांव में शौचालय बनवाए बिना ही उसे खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया गया है। महिलाओं ने ग्राम प्रधान पर चुनावी रंजिश के चलते उन्हें सरकारी योजनाओं से वंचित रखने का भी आरोप लगाया।
ग्राम पंचायत जटपुरा बौंडा की महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। खुशनूदा, शकीला, अजीजन, नसरीन, नफीसा, रूकसाना, अनीसा, शबनम, तसलीमा आदि का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अनेक परिवारों में शौचालय न होने के बावजूद प्रशासन को गुमराह कर पंचायत को ओडीएफ घोषित करा दिया है। उन्होंने एसडीएम से इस संबंध में जांच कराने की मांग की है।
आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान स्तर से उन्हें शासन की योजनाओं का भी लाभ नहीं दिया जा रहा। एसडीएम ने प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन दिया। उधर, ग्राम प्रधानपति बुनियाद अली ने आरोप को निराधार बताया। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत पूरी तरह खुुले में शौच मुक्त है। आरोप लगाने वाली सभी महिलाओं के अपने-अपने शौचालय है। उन्होंने पंचायत चुनाव में पराजित प्रत्याशी के इशारे पर झूठे आरोप लगाए जाने की बात कही।
नहटौर में सीडीओ ने ग्राम प्रधानों की बैठक में ओडीएफ के तहत समीक्षा बैठक की। ओडीएफ (ऑपन डिफिकेशन फ्री) को प्रभावी तरीके से लागू करने पर बल दिया। ब्लॉक के सभागार में सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने 96 ग्राम पंचायतों में ओडीएफ कार्यक्रम की गांव बार समीक्षा की। समीक्षा बैठक में ग्राम प्रधानों, सचिवों व ब्लॉक के कर्मचारियों ने भाग लिया। कहा कि खुले में शौच मुक्त के लिए जिले में प्रभावी ढंग से कार्यक्रम को चलाया जा रहा है। किसी भी कार्यक्रम को जागरूकता से ही सफल बनाया जा सकता है। समीक्षा बैठक में 26 ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने अपनी पंचायतों में खुले में शौच मुक्त होने का दावा किया। इस मौके पर सीडीओ ने ओडीएफ गांवों में खुले में शौच जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया। नोटिस देने के बाद जुर्माना वसूलने के निर्देश ग्राम प्रधानों व सचिवों को दिए। कार्यक्रम में राज्य पोषण मिशन पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर बीडीओ रोहताश सिंह, एडीओ जसवंत सिंह, देवेंद्र सिंह, हरि सिंह, रिंकू सैनी, गिरीश कुमार प्रधान सचिन कुमार, महफूज हसन, पुरुषोत्तम सिंह, ब्रजपाल सिंह, सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
रेहड़ में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ब्लाक अफजलगढ़ में खुले से शौच मुक्त अभियान को लेकर समीक्षा बैठक हुई। जिसमें सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने ग्राम प्रधानों से ओडीएफ के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अफजलगढ़ ब्लाक को यूपी का पहला खुले से शौच मुक्त ब्लॉक बनाना है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से 31 अक्तूबर तक रुके काम को पूरा कर लेने के निर्देश दिए। कहा कि अफजलगढ़ ब्लाक की ओडीएफ टीम ने ब्लॉक को खुले से शौच मुक्त बनाने में कीर्तिमान स्थापित किए हैं। तीन पंचायतों को बिना धन लिए ओडीएफ करने पर सराहना की। तीनों ग्राम प्रधानों को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। सीडीओ ने कहा कि ब्लाक के ओडीएफ घोषित होने पर ग्राम प्रधानों का एक टूर सैर सपाटे पर भेजा जाएगा। सभी ओडीएफ पंचायतों को सात से 20 लाख रुपये तक गांव का पानी संरक्षित करने के लिए भी दिए जाएंगे। ओडीएफ पंचायतें शीघ्र वाईफाई की सुविधा से लैस होंगी। समीक्षा बैठक में वर्ल्ड बैंक के विनोद कुमार शुक्ला, बीडीओ रोहिताश सिंह, एडीओ रविकांत, सत्यवीर सिंह, शमीम अहमद और समस्त ग्राम प्रधान, पंचायत सेक्रेटरी और आंगनबाड़ी मौजूद रहीं।