बिजनौर/धामपुर। शुक्रवार रात अमानगढ़ वन रेंज से वन अफसरों की टीम ने बाघ के पांच शिकारियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक कंकाल बरामद किया है। वह बाघ का है या गुलदार का, इसकी पुष्टि करने के लिए डब्ल्यूआईआई से जांच कराई जा रही है। पांचों आरोपी वन गुर्जर हैं और रिजर्व फॉरेस्ट में भी डेरा बनाकर रह रहे थे।
शुक्रवार रात करीब एक बजे डीएफओ अभिनव राज, एसडीओ ज्ञान सिंह और एसडीओ अंशुमान मित्तल के नेतृत्व में टीम ने अमानगढ़ वन रेंज में छापा मारा। वहां नवीपुर ठेरी और अलीपुर गुरुद्वारा के पास से मो. असलम, शमशेर, शराफत, रुस्तम, अशरफ अली को गिरफ्तार किया हैै। उन्हें लेकर शनिवार को टीम धामपुर वन रेंज पर पहुंची और दोपहर तक पूछताछ की।
शनिवार को धामपुर रेंज कार्यालय पर मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने बताया कि विभाग को वन्य जीवों के अवशेष की तस्करी की सूचना मिली थी। इसी आधार पर यह कार्रवाई हुई है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर बिग कैट का कंकाल मिला है, जिसमें जबड़ा, दांत, हड्डी, नाखून सभी मौजूद हैं। पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। खाल कहां गई और कंकाल बाघ या गुलदार है, इसकी पुष्टि करने के लिए डब्ल्यूआईआई से जांच कराई जा रही है। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में कुल 32 बाघ : अमानगढ़ टाईगर रिजर्व फॉरेस्ट हैं। पिछले 15 साल में यहां बाघों की संख्या 12 से बढ़कर 32 तक पहुंच चुकी है। ऐसे में यहां पर शिकारियों का खतरा भी उतना ही बढ़ गया है। अमानगढ़ की सीमा कार्बेट पार्क से लगी है, इसलिए यहां पर हाथी, भालू, गुलदार की चहलकदमी रहती है।
केस में बाघ होने का ही किया है जिक्र : वन विभाग भले ही अभी कंकाल की जांच करने की बात कह रहा है, लेकिन उसके दांत, नाखून और कंकाल की लंबाई, चौड़ाई देखकर उसके बाघ होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। शिकारियों के खिलाफ वन विभाग ने अपनी रेंज में जो केस दर्ज किया है, उसमें बाघ होने का ही जिक्र किया है। इसकी वैज्ञानिक पुष्टि कराने के लिए हड्डियों की डब्ल्यूआईआई से जांच कराई जा रही है।
जहां बाघ है, वहां रेड अलर्ट घोषित : मुख्य वन संरक्षक : मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने कहा कि जहां-जहां भी बाघ है, वहां शिकारियों को लेकर रेड अलर्ट घोषित है। यह नेटवर्क कहां-कहां फैला है, किन तस्करों के संपर्क में थे, इसकी जांच की जा रही है। जल्द ही पूरा नेटवर्क पकड़ा जाएगा।