जिले में कोरोना से पांच, बुखार से छह की मौत
धामपुर/नजीबाबाद/नगीना/किरतपुर/हल्दौर (बिजनौर)। धामपुर क्षेत्र में कोरोना से दो, हल्दौर में दो और किरतपुर में एक व्यापारी की कोरोना से मौत हो गई। वहीं, नजीबाबाद के डिप्टी सीआईटी और नगीना में एक युवक की बुखार से मौत हो गई। बुखार और जुकाम से पीड़ित 14 लोगों में भी जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। नजीबाबाद में रेलवे के डिप्टी सीआईटी, नगीना के एक युवक और हल्दौर में चार लोगों की बुखार से मौत हो गई।
धामपुर की सलेम सराय निवासी 33 वर्षीय महिला ने अपने पति के साथ पिछले दिनों कोविड-19 वैक्सीन का टीका लगवाया था। तभी से इन दोनों का बुखार नहीं उतरा। पहले तो दोनों ने नगर एक निजी अस्पतालों में उपचार कराया। बाद में जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो दोनों को उपचार के लिए मुरादाबाद के निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया। जहां बुधवार को महिला की मौत हो गई। मृतका का पति का अस्पताल में भर्ती है। वहीं, पंजाबी कॉलोनी निवासी व्यापारी की मंगलवार रात मौत हुई। वह कोरोना संक्रमित थे। परिजनों ने उनका काफी उपचार कराया। लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। लोगों का कहना है कि सरकार की सख्ती के बाद भी लोग लापरवाह हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन की सख्ती का भी असर नहीं हो रहा है।
वहीं, नजीबाबाद में रेलवे के डिप्टी सीआईटी केएस भारती का विवेकानंद अस्पताल मुरादाबाद में निधन हो गया। बुखार तथा अन्य बीमारी से पीड़ित सीआईटी भारती उपचार के दौरान हाल ही में कोरोना संक्रमित पाए गए थे। गांव महावतपुर में उनका अंतिम संस्कार किया गया। नगीना के मोहल्ला चौधराना निवासी योगेंद्र शर्मा (33) पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजन मंगलवार रात्रि उसको इलाज के लिए बिजनौर ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। किरतपुर में युवा व्यापारी एवं विकास रस्तोगी का कोरोना से निधन हो गया। मंगलवार रात्रि मुरादाबाद के एक हॉस्पिटल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। पांच दिन पूर्व विकास कोरोना जांच में पॉजिटिव आए थे।
हल्दौर के गांव कुम्हारपुरा में कैलाशो देवी (66), जिगनू शर्मा (67), जग्गू सिंह (70), अकबर अहमद (72) को कइ दिनों से बुखार था। गांव में ही एक निजी चिकित्सक के यहां पर उपचार चल रहा था। बुधवार को चारों की उपचार के दौरान मौत हो गई। सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव के अनुसार हल्दौर थाने के गांव बिलाई निवासी लगभग 70 वर्षीय एक वृद्धा की कोरोना से टीएमयू मुरादाबाद में मौत हो गई। उसे पिछले चार साल से कफ की समस्या थी। दस अप्रैल को परिजनों ने महिला को हल्दौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर 15 अप्रैल को कोविड जांच पॉजिटिव आई। हालत बिगड़ने पर उसे मुरादाबाद टीएमयू के लिए रेफर कर दिया था।
वहीं, नगीना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक बिलाई चीनी मिल के मिल हाउस में शिफ्ट इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। मिल प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार करीब 15 दिन पूर्व उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जांच कराने पर उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई तो चिकित्सकों ने उसे होम क्वारंटीन कर दिया था। बुधवार को इंजीनियर की तबियत फिर से बिगड़ने लगी तो परिजन आनन-फानन में ही उसे उपचार के लिए जॉलीग्रांट ले गए। मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। प्रभारी डॉ. मदनपाल सिंह ने अधिकारिक तौर पर इंजीनियर की कोरोना संक्रमण से ही मौत होने की पुष्टि से इंकार किया है।