668 पंचायतों की पहली बैठक संपन्न
बिजनौर। गांव की सरकार ने करीब छह माह बाद सत्ता में वापसी की है। 668 पंचायतों की रविवार को पहली बैठक हो गई। जिसमें कोरोना से बचाव और सफाई पर जोर दिया गया। इसी के साथ 1122 पंचायतों के विकास की जिम्मेदारी प्रधानों के कंधों पर आ गई है। शासन से आए 15 वित्त आयोग की धनराशि का करोड़ों रुपया विकास कार्यों के लिए पंचायतों के खातों में है।
पिछली पंच वर्षीय योजना का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 को समाप्त हो गया था। पंचायतों में 26 दिसंबर से एडीओ पंचायत प्रशासक थे। प्रशासकों का कार्यकाल करीब छह माह रहा है अब पंचायतों की बागडोर पूरी तरह से प्रधानों के हाथ में आ गई हैं। जिले में 1123 पंचायत हैं। 454 पंचायतों के प्रधानों ने 27 मई को शपथ ली थी। उन पंचायतों की पहली बैठक 29 मई को हो गई थी।
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि रविवार को नवगठित 668 पंचायतों की पहली बैठक हो गई है। हर पंचायत में छह समिति बन गई हैं। जो पंचायत के विकास कार्यों का संचालन करेंगे। बताया कि 15 वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का 35-40 करोड़ रुपये पंचायतों के खाते में जमा है। यह धनराशि पंचायत की स्वच्छता, पेयजल, निर्माण कार्य पर व्यय होगी। मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक की खेड़की हेमराज पंचायत में तकनीकी कारणों से शपथ नहीं हुई है। पहली बैठक का एजेंडा तय था। नवनिर्वाचित प्रधान व सदस्यों से कहा गया है कि वे कोरोना के प्रति जागरूक करने पर प्राथमिकता से काम करें। लोगों को मास्क लगाने और दो गज की दूरी के लिए प्रेरित करें। कुछ पंचायत इसमें सराहनीय काम कर रही हैं।