फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में चोरी छिपे बनती है आतिशबाजी

विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। जिले में छह स्थानों पर लाइसेंसीधारक आतिशबाजी बनाते हैं। कई जगह चोरी छिपे भी आतिशबाजी बनाने का खेल चलता है। जिले में दो बड़े हादसे होने के बाद भी अग्निशमन विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है। कई घरों में आतिशबाजी बनती है, जिनसे हादसे होने की आशंका से इंतजार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन

जिले में चोरी छिपे बिना लाइसेंस के आतिशबाजी बनाने का खेल कई सालों से चल रहा है। बिजनौर के गांव बकली व नहटौर के कई घरों में आतिशबाजी बनाई जाती है। परिवार के छोटे से लेकर बड़े तक इस काम में जुटे रहते हैं। जिले में छह लाइसेंसीधारक आतिशबाजी बनाने का काम करते है। इन लाइसेंसीधारकों ने शहर से बाहर आतिशबाजी बनाने के ठिकाने बना रखे हैं लेकिन पैसे के लालच में दीपावली से पहले कई लोग आतिशबाजी बनाने का काम करते हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन व दमकल विभाग की भी निगाह से बचकर लाइसेंसधारक भी इन लोगों से आतिशबाजी बनवाकर अपने ठिकानों में रखते हैं। इनके अलावा बाहर से आतिशबाजी लाने वाले व्यापारी अपने गोदाम में आतिशबाजी रखते है। ये गोदाम भी शहर की आबादी से बाहर है। ये लोग दीपावली से दो दिन पहले से आतिशबाजी बेचते है। तीन दिन आतिशबाजी बेचने का इनके पास लाइसेंस होता है।
इन छह लोगों के पास हैं आतिशबाजी बनाने का लाइसेंस
बिजनौर में बुखरा निवासी यूसुफ व साबिर के गांव जोधूवाला मार्ग पर स्थित फतेहपुर गांव में, नहटौर निवासी खुर्शीद व मुख्तार के नहटौर में आबादी से बाहर जंगल में, अफजलगढ़ निवासी इसरार का भी आबादी से बाहर जंगल में व नांगलसोती निवासी शब्बीर का जंगल में ईख के खेत में आतिशबाजी बनाने का ठिकाना हैं। इन सभी के पास आतिशबाजी बनाने के लाइसेंस हैं। शब्बीर ने अपने लाइसेंस का इस बार अभी तक नवीनीकरण नहीं कराया हैं।
विज्ञापन

हादसे में जा चुकी है सात लोगों की जान
नहटौर में चार जनवरी 2014 को मोहल्ला तीरगरान में आतिशबाजी बनाते समय आग लगने से एक ही परिवार के छह लोगों की जान गई थी। इनमें दो बच्चे भी शामिल थे। अंगीठी से चिंगारी निकलने से आतिशबाजी में आग लगी थी। चार साल पहले बिजनौर के गांव बकली में आतिशबाजी बनाते समय विस्फोट होने से दो लोगों की जान गई थी। मकान की छत व दीवार उड़ गई थी। आसपास के मकान भी क्षतिग्रस्त हुए थे।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय कुमार शर्मा के मुताबिक बिजनौर ,नजीबाबाद व धामपुर तहसील में आतिशबाजी के गोदामों की चेकिंग की जा चुकी हैं। बाकी जगहों पर चेकिंग का काम चल रहा हैं। सभी गोदाम जिले में आबादी से बाहर है। गोदामों में हादसे होने पर आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन भी हैं। जिले में अगर चोरी छिपे कई आतिशबाजी बनती मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें