बिजनौर। जेल में कैदी की मौत पर बवाल करने वालों की मुश्किल बढ़ चुकी हैं। सड़क जाम करने में 12 लोगों को नामजद करते हुए 50 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। रविवार को जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर दीपक का फंदे पर लटका शव मिला था। जेल प्रशासन का कहना था कि दीपक ने आत्महत्या की है जबकि परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जाम लगाया था और विरोध प्रदर्शन किया था।
दरोगा जितेंद्र कुमार की तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें कहा गया कि जेल में आत्महत्या करने के बाद मृतक के परिवार वालों और ग्रामीणों ने जजी चौक पर बीस से 25 मिनट तक जाम लगाए रखा। ऐसे में सरकारी वाहनों और एंबुलेंस को भी नहीं निकलने दिया गया। एंबुलेंस में मरीजों की जान को खतरा पैदा हो गया। उपद्रव करते हुए सड़क जाम करने से अफरा-तफरी मची। बता दें कि रविवार को जेल में बंद गांव पृथ्वीपुर के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर दीपक पुत्र चंद्रपाल का फंदे पर लटका शव मिला था। रस्सी के रूप में प्लास्टिक के थैलों से काटी गई तनियों का इस्तेमाल किया गया। गुस्साए लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जाम लगा दिया था। उन्होंने पहले रविवार को हंगामा और जाम लगाया, फिर सोमवार को भी जजी चौक पर जाम लगा दिया था। रामचंद्र, अंकित, नवनीत, मिथुन, नितिन, यशपाल, बिट्टू, रूपचंद, रणजीत, विमला, गुड़िया और गीता को नामजद किया गया है। इनके साथ ही 40 से 50 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
डीआईजी जेल कर रहे हैं मामले की जांच
जेल में मौत के मामले की जांच डीआईजी जेल कुंतल किशोर कर रहे हैं। प्राथमिक जांच के बाद ही कैदी की निगरानी में लापरवाही पर दो बंदी रक्षक निलंबित किए जा चुके हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर निष्कर्ष निकलेगा।