बिजनौर। जिला अस्पताल में बुखार रोगियों की संख्या तीन सौ के पार पहुंच गई है। अधिकांश रोगी टाइफाइड और वायरल से पीड़ित हैं। बुखार फैलने से स्वास्थ्य विभाग के हाथ-फूल गए हैं।
सभी रोगियों की जांच की जा रही है। गांव-गांव में शिविर लगाकर उपचार किया जा रहा है। जिले में बुखार के मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। सोमवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में बुखार रोगियों की लाइन लग गई।
चिकित्सकों ने संभावना के आधार पर करीब 90 रोगियों की खून की जांच कराई अन्य रोगियों को बिना जांच के ही उपचार किया गया। अस्पताल में सभी बेड भरे हैं। सभी को ऐहतियात बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
विभाग ने गांव-गांव जाकर रोगियों को चिह्नित कर रहा है। साथ ही संबंधित क्षेत्र में चिकित्सीय टीम भेजकर शिविर लगाकर उपचार किया जा रहा है।
शिविर लगा, 50 रोगियों की स्लाइड बनाई
मंडावर। शनिवार की देर शाम गांव दयालवाला निवासी एक युवक की बुखार के चलते मौत हो गई थी। सोमवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और शिविर लगाया। मस्जिद में लगे लाउडस्पीकर में आवाज लगाकर रोगियों को शिविर में बुलाया गया।
चंदक पीएचसी प्रभारी डा. देवेेंद्र सिंह का कहना है कि गांव में 50 बुखार रोगियों की स्लाइड बनाई गई। कई का उपचार किया गया। गांव में सफाई रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। सीएमओ डॉ. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि जहां पर भी मलेरिया अथवा बुखार रोगी मिल रहे हैं। टीम को भेजकर उनका उपचार कराया जा रहा है।
किशोर ने दम तोड़ा
अफजलगढ़। गांव के पप्पू ने बताया कि उनके 14 वर्षीय पुत्र विशाल को 15 दिन पहले बुखार आया था। उन्होंने पहले यहां पर स्थानीय डाक्टरों से उपचार कराया।
बाद में उसे डाक्टरों की राय पर मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार को ले गए थे। जहां पर उसकी 13 सितंबर को मौत हो गई। डा. राजीव कुमार चौहान ने बताया कि उन्होंने किशोर के रोग का पता कराने को यहां से मेरठ टीम को भेजा। रिपोर्ट में पुष्ट हुआ है कि विशाल की दिमागी नसों में रक्त खराबी के कारण सूजन आ गई थी। जिस कारण उसकी मौत हो गई।