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गांवों में बुखार का कहर, दो की मौत

Tue, 27 Oct 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर/नहटौर। जिले के कई गांव बुखार की चपेट में आ गए हैं। सोमवार को नहटौर के गिलाडी में बुखार पीड़ित अधेड़ महिला और फुलसंदा में युवती की मौत हो गई।
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गांव बल्दिया में 50 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं, जिनमें से 10 को बिजनौर के निजी चिकित्सकों के यहां भर्ती कराया गया। परिजनों का दावा है कि उनका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने उन्हें डेंगू बताया है। डेंगू की दहशत से लोग सहमे हैं।

नहटौर क्षेत्र के गांव गिलाड़ी निवासी रंजीत की 55 वर्षीय पुत्री कुसुमलता को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजन उसका इलाज करा रहे थे, लेकिन सोमवार को उसकी मौत हो गई। उधर गांव फुलसंदा खाकम में पिछले दस दिन से बुखार का प्रकोप है।
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मनीराम की 17 वर्षीय पुत्री कविता को दस दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उसका निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे थे, लेकिन सोमवार को उसने भी दम तोड़ दिया।

गांव के करीब 50 लोग बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तीन दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां आकर 57 लोगों के  रक्त के नमूने लेकर खानापूरी कर अपना पल्ला झाड़ दिया उसके बाद आज तक गांव में टीम आकर नहीं फटकी।

उधर हल्दौर ब्लाक के गांव बल्दिया निवासी भूरे सिंह के 17 वर्षीय पुत्र प्रदीप को छह दिनों से बुखार आ रहा  था। परिजन उसका इलाज कराने तीन दिन पूर्व बिजनौर ले गए। परिजनों के अनुसार वहां डॉक्टरों ने प्रदीप को डेंगू की पुष्टि की जिस पर उसे मेरठ रेफर कर दिया।

इसी गांव की रीन पत्नी सुमित, रूब पुत्री गुड्डू, साक्षी  पुत्री हरवेंद्र, नीरज 30 वर्ष पत्नी  मनदीप, शुभम 21 वर्ष, पुत्र राजेंद्र सिंह, निर्मला 55 वर्ष पत्नी महावीर सिंह, महावीर सिंह 58 वर्ष, मुनेश्वर सिंह 38 वर्ष बुखार की चपेट में हैं जिन्हें बिजनौर के निजि अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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परिजनों का कहना है कि इनका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने उन्हें डूेगं बताया है। गांव के 10 लोगों को डेंगू बताए जाने से परिजनों में दहशत है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तीन सफाई कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन वे सफाई करने  नहीं आते। गांव में गंदगी भरी पड़ी है। नालियां कीचड़ और पानी से भरी हैं। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।

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