संशोधन में आधार से हटा दिया पिता का नाम
स्योहारा। डाकघर में आधार संशोधन कराना नागरिकों/छात्रों के लिए आफत बनता जा रहा है। आधार कार्डों का संशोधन होल्ड पर रहने के कारण छात्र-छात्राएं जरूरी फॉर्म अपने भरने से वंचित हो रहे हैं। जिन आधार कार्डों में संशोधन कराया गया है, उनमें से भी संबंधित व्यक्ति के पिता का नाम काट दिया गया। अब वह दोबारा संशोधन कराने की लाइन में लगे हैं।
स्थानीय डाकघर में विगत तीन महीने से आधार कार्ड संबंधित कार्य शुरू किए गए हैं। संशोधन कराने वालों की अधिक भीड़ को देखते हुए पोस्ट मास्टर शेर सिंह ने टोकन व्यवस्था शुरू की थी। शाम को टोकन तो दिए जा रहे हैं, लेकिन दिन भर में मात्र 15 से 20 आधार ही सही किए जा रहे हैं। जबकि नए आधार कार्ड बनाने को अभी मना किया जा रहा है। अधिकतर संशोधित आधारों में पिता का नाम गायब है। जिस कारण विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति फॉर्म, प्रवेश आदि फॉर्म भरने में दिक्कतें आ रही हैं। जो आधार संशोधित किए गए हैं वे 20 दिन बाद भी नहीं मिल पा रहे हैं। अधिकतर संशोधित आधार कार्ड होल्ड पर हैं। छात्र ध्रुव कुमार, प्रदीप कुमार, शोभित पुष्पक, सोनाली, विजय कुमार,रोहित कुमार,आदि का कहना है कि उन्होंने जो आधार संशोधित कराए थे उनमें से पिता का नाम हटा दिया गया है। जबकि पुराने आधार में उनके पिता का नाम दर्ज है। कई दिन बीतने के बाद भी कंप्यूटर पर आधार नहीं निकल पा रहे हैं। जनसेवा केंद्र पर दोबारा संशोधित करने के नाम पर 200 से 300 रुपये तक छात्रों से वसूल जा रहे हैं। सुरेश तोमर, राजवीर सिंह,फैसल,मोहम्मद इमरान, सना परवीन, फरमान अहमद, संदीप कुमार आदि का कहना है कि 20 दिन बीतने के बाद भी उनके आधार नहीं निकल पा रहे हैं। अखिल विद्यार्थी परिषद छात्र नेता पीयूष रस्तोगी ने भी इस पर रोष प्रकट किया। वहीं, पोस्ट मास्टर शेर सिंह का कहना है कि मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण कुछ मामलों में शिकायत आई है। उन्हें ठीक करा दिया जाएगा।