बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय श्रेय शुक्ला ने जानलेवा हमले में पिता-पुत्र को दोषी पाया है। अदालत ने अभियुक्त भूदेव और उसके बेटे हिमांशु को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 14-14 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि थाना धामपुर में गांव बक्सनपुर निवासी गिरधारी सिंह रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि नौ मई 2023 को उसका भतीजा सोहित उनके घर आया। उनके घर के सामने भूदेव की गाड़ी खड़ी थी, सोहित ने गाड़ी हटाने के लिए कहा, मगर भूदेव ने अपनी गाड़ी नहीं हटाई। जोकि सोहित के साथ गाली गलौज करने लगा। आरोप लगाया कि भूदेव, सोहित से पहले से ही दो लाख रुपये की मांग कर रहा था। रुपये नहीं देने को लेकर सोहित से रंजिश रखता था। जिसके चलते भूदेव और हिमांशु अन्य लोगों के साथ हथियारों से लैस होकर मौके पर आ गए। उन्होंने सोहित को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद भूदेव और हिमांशु के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अब अदालत ने इस मामले में सजा सुनाई सुनाई है।