बाबूराम तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसान आंदोलन स्थगित कराने के लिए किसानों से किए गए समझौते में विश्वासघात किया गया है। किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवार को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया और न ही फसलों पर एमएसपी देने के लिए कमेटी गठित हुई।
किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं होने और किसान आंदोलन में शहीद किसानों के परिजनों को मुआवजा नहीं देने पर भाकियू कार्यकर्ताओं में केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है। भाकियू पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक दर्जन गांवों में पंचायत कर 31 जनवरी को केंद्र व प्रदेश सरकार का विरोध करने और तहसील परिसर में विश्वासघात दिवस मनाते हुए प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू के प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर और राष्ट्रीय प्रचार मंत्री होशियार सिंह के नेतृत्व में रविवार को बढ़िया, ताहरपुर, बड़ा पाईमार, सादातपुर, गजरौला, खानपुर, शेखपुरा, सरवनपुर, फजलपुर तबेला आदि गांवों में किसान पंचायत की गई।
भाकियू नेता बाबूराम तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसान आंदोलन स्थगित कराने के लिए किसानों से किए गए समझौते में विश्वासघात किया गया है। किसान आंदोलन के स्थगित होने के बाद केंद्र व प्रदेश सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए। किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया अभी तक शुरू नही की गई। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवार को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया और न ही फसलों पर एमएसपी देने के लिए कमेटी गठित हुई। किसानों ने पंचायत में 31 जनवरी को राष्ट्रव्यापी विश्वासघात दिवस मनाने और तहसील परिसर में केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।