गन्ने की बुवाई कराते चीनी मिल के एजीएम।
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धामपुर में धामपुर चीनी मिल ने गन्ने की बंपर पैैदावार कर किसानों को मालामाल करने के लिए गांवो में गोष्ठियों के माध्यम से अगेती प्रजाति को-0238 को होनहार गन्ने की प्रजाति बता इसे ट्रेंच विधि से बुवाई कराने पर जोर दे रहे हैं। किसानों को बताया जा रहा है कि गन्ने की इस प्रजाति से बढ़िया और कोई प्रजाति नहीं है। इस प्रजाति के गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से की जानी चाहिए। इसके लिए चीनी मिल की ओर से जोन कार्यालयों पर 50 प्रतिशत की छूट पर गन्ना बीज उपचार के लिए रासायनिक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 70 से ज्यादा गांवों में गोष्ठियां कर किसानों को बुवाई के लिए प्रेरित किया जा चुका है। चीनी मिल की ओर से इस बार करीब 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में को-0238 प्रजाति के गन्ने की बुवाई कराने का लक्ष्य है। धामपुर चीनी मिल के अपर गन्ना जीएम आजाद सिंह ने बताया कि गन्ना प्रजाति को-0238 में हमारे क्षेत्र में मुख्यत: पोक्का र्बोइंग, जीएसडी नाम बीमारी बहुतायत में देखी जा रही है, जो कि किसानों, चीनी मिल दोनों के लिए चिंता का कारण है। यह प्रजाति अनमोल है। काफी समय के बाद ऐसी प्रजाति आई है, जिससे किसानों को अधिकतम उत्पादन, चीनी मिलों को सर्वाधिक चीनी परता प्राप्त हो रहा है।
बुवाई के तरीके
बसंतकालीन गन्ना बुवाई के लिए को-0238, को-0239 व को-118 प्रजाति की बुवाई करें। लेकिन इसमें ज्यादा बेहतर प्रजाति को-0238 ही है। बीज स्वस्थ पौधशाला से लें। बुवाई लाइन से लाइन की दूरी कम से कम चार फिट या अधिक या फिर ट्रेंच विधि से करें।
इसलिए है होनहार प्रजाति
एजीएम ने बताया कि पिछले पांच सालों से 0238 प्रजाति के गन्ने की पैदावार बंपर है। इस प्रजाति के गन्ने ने रिकार्ड तोड़ चीनी परता का रिजल्ट दिया है। यह सभी तरह के खेतों के लिए उपयुक्त है। पैड़ी व पौधा दोनों के लिए सर्वोत्तम है। टॉप बोरर कीट से निजात दिलाने को कोराजन का ही प्रयोग करें।
रोग नियंत्रण के तरीके
गन्ना बीज उपचार दोनों रोगों को नियंत्रित करने को फुफंदी नाशक जैसे रैक्सिल , हैक्सास्टाप के घोल में 20 से 25 मिनट तक डूबाकर उपचारित करें। पोक्का बोईंग रोग की रोकथाम के लिए मई में इसका स्प्रे जरूर करें। धामपुर चीनी मिल की ओर से 50 प्रतिशत की छूट पर यह दवाई उपलब्ध कराई जा रही है।
बीज का चुनाव
एजीएम ने बताया कि पोक्सा बोईंग, जीएसडी ये दोनों बीमारियां बीज जनित हैं। गन्ना बीज रोगग्रस्त है तो उसके टुकड़े करके खेत में बोने से इसका प्रकोप कई गुना बढ़ सकता है। इसके स्वस्थ बीज का चयन करते समय कांना, कुतरा, रोगग्रस्त गन्ने को छांट कर अलग करना जरूरी है। स्वस्थ गन्ना बीज का अच्छा जमाव लेने के लिए गन्ने का आधा ऊपरी भाग ही बीज में प्रयोग करें। निचले भाग को चीनी मिल में आपूर्ति कर दें। बीज में एक या दो आंख के टुकड़े का ही प्रयोग करें। तीन या चार आंख के टुकडे़ का प्रयोग कदापि न करें। इससे जमाव पर बुरा असर पड़ता है। गन्ने के टुकड़े को काटते समय यदि रोगग्रस्त गन्ना आ जाए तो उसके अलग कर दें। काटने वाले यंत्र को साफ कर लें। जीएसडी रोगग्रस्त गन्ने के रस द्वारा अन्य गन्ने में लगने से फैलने की आशंका रहती है।