अफजलगढ़ में किसानों ने बुधवार को फिर से धान क्रय केंद्रों पर अधिकारियों की मनमाने तौर पर तौल करने के विरोध में प्रदर्शन किया। आरोप है कि अधिकारियों की वजह से उन्हें धान सस्ते में बिचौलियों के हाथों बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
किसान मुख्त्यार सिंह, भूपेंद्र, कुलदीप, बलदेव, घसीटा, हरीराज, राहुल, बलजिंदर, सुखविंदर, इंद्रजीत, चरनजीत, अजविंदर, सर्वजीत सिंह का कहना है कि क्रय केंद्र पर उनकी सिर्फ दो दिन तौल होने के बाद से फिर धान तौल नहीं की जा रही है। क्षेत्र में कोऑपरेटिव एग्रो, पीसीएफ, एफएससी के एक दर्जन सेंटर हैं। जब भी किसान धान बेचने को आते है तो उन्हें सेंटरों पर इंचार्ज नहीं मिल पाते हैं। उन्हें अपना धान इधर उधर बेचना पड़ रहा है। किसानों ने डीएम से धान क्रय केंद्रों पर तौल सुचारु कराने की मांग की है। उधर, एसएमआई हसनैन अहमद का कहना है कि 18 तारीख से तौल की जा रही है। अब तक लगभग 300 क्विंटल धान खरीदा जा चुकाहै।
किसानों ने गन्ने का भाव 450 रुपये मांगा
धामपुर। भाकियू के ब्लाक महासचिव हरिराज सिंह ने सूबे की सपा सरकार से चीनी मिलों के चालू होने से पहले गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की। किसानों ने विद्युत निगम के अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया। तहसील परिसर में संपन्न हुई पंचायत में ब्लाक महासचिव ने कहा कि सपा सरकार किसानों को पूरी तरह से दबाव में लेकर बर्बाद करने पर तुुली है। किसान विजयपाल सिंह ने सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने जर्जर तारों को बदलवाने, बदहाल सड़कों की मरम्मत कराने, गांव नसीरपुर के पास इकड़ा नदी के बने पुल पर बिजली की लाइन को ऊपर उठाने की मांग की। किसानों को सरकारी कर्मचारियों की तरह से दो हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से पेंशन दिलाने की मांग की। किसानों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में भूपेंद्र सिंह, रामकुमार, लोकेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, मास्टर रामगोपाल सिंह, इफ्तखार रहे। अध्यक्षता राजेंद्र सिंह और संचालन हरिराज ने किया।