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किसानों का तहसील और कलक्ट्रेेट में धरना

Fri, 15 Dec 2017 11:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में तहसील परिसर में विद्युत नियामक आयोग की अर्थी फूंकते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में बिजली की दर बढ़ाने पर कइ् ‌िकसान संगठन एकजुट हाेकर सड़क पर आ गए हैं।
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शुक्रवर काे बढ़ा दर वापस लेने की मांग के लिए भाकियू ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और विद्युत नियामक आयोग की प्रतीक शव यात्रा निकाली।  वहीं भाकियू भानु ने कलक्ट्रेट में धरना दिया और सरकार के खिलाफ हल्ला बोल अभियान शुरू करने का एलान किया। उधर, आजाद किसान यूनियन ने भी सभी संगठनों को साथ लेकर आंदोलन चलाएगी।
भाकियू की अगुवाई में किसान गन्ना समिति में इकट्ठा हुए। इसके बाद प्रदर्शन के रूप में नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे। किसान कंधों पर विद्युत नियामक आयोग की प्रतीक शव लिए थे। तहसील पहुुंचकर किसानों ने शव को आग लगा दी। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वक्ताओं का आरोप था कि बिजली की दरों में 100 से 150 गुनी की बढ़ोतरी की गई है। खाद, बीज, पानी के संकट से जूझ रहे किसान की बिजली की बढ़ी दरों ने कमर तोड़ दी है। किसान को आत्मरक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पडा है। किसान आर पार की लड़ाई लडे़ंगे। किसानों ने शाम तक धरना दिया। रामअवतार सिंह, होशियार सिंह, कुलदीप सिंह, राजेंद्र सिंह, संदीप त्यागी, जितेंद्र पहलवान आदि मौजूद रहे।
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भाकियू (भानु) का प्रदर्शन
भाकियू भानु ने जिला अध्यक्ष विजय सिंह सहरावत की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में धरना दिया। बिजली की बढी दरों को वापिस लेने की मांग की है। यूनियन ने शहरी व ग्रामीण उपभोक्ताओं को साथ लेेकर हल्ला बोल अभियान चलाने की घोषणा की है। आरोप लगाया कि किसानों का उत्पीडन हो रहा है। सरकार आंख बंद करके बैठी है। कनक्शन देने के नाम पर किसान को परेशान किया जा रहा है। आरोप लगाया कि बिजली विभाग में बिना पैसा लिए कोई काम नहीं हाता है। वीरसिंह,पदम सिंह,हमीदुल्ला, ब्रजेश प्रधान, आकाश चौधरी, देपेंद्र त्यागी आदि मौजूद रहे।
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चांदपुर में  भाकियू ने बिजली बिल की बढ़ी दरों के विरोध में तहसील में प्रदर्शन कर धरना दिया। मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को संबोधित दो ज्ञापन एसडीएम को सौपे। शुक्रवार को भाकियू के बैनर तले किसान तहसील पहुंचे तथा धरने पर बैठ गए। धरने पर वक्ताओं ने सरकार द्वारा बिजली की दरों में 50 से 150 प्रतिशत वृद्घि पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस वृद्घि से किसान व मजदूर की कमर टूट जाएगी। किसी भी वस्तु का रेट थोक मूल्य सूचकांक या महंगाई दर के आधार पर तय किया जाता है। भाकियू ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित तथा एक ज्ञापन जिलाधिकारी को संबोधित एसडीएम वीके सिंह को दिया। ज्ञापन में कहा कि किसानों की फसलों के मूल्य में मंहगाई दर से भी कम वृद्घि की जाती है जिसका उदाहरण हाल ही में गन्ना, गेहूं, धान में की गई वृद्धि है। बिजली की दरों की वृद्घि से किसानों की लागत में भारी वृद्घि होगी। देश के अन्य राज्यों में किसानों को उ.प्र. से सस्ती व कुछ राज्यों में राज्य सरकार बिना बिल की बिजली उपलब्ध कराती है। जिससे किसानों पर अधिक भार न पड़े। जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में कहा कि गंगा खादर क्षेत्र में किसानों का बहुत सारा गन्ना अस्वीकृत प्रजाति का है। इस गन्ने का किसी भी चीनी मिल द्वारा कोई सर्वे नहीं कराया गया है और न ही सरकार द्वारा इस गन्ने का किसी चीनी मिल को कोई आवंटन किया गया है। जब किसान अपने ऐसे गन्ने को लेकर किसी कोल्हू व क्रेशर पर लेकर जाते हैं तो रास्ते में उन्हें प्रशासन द्वारा परेशान किया जाता है। जो किसान अपना गन्ना लेकर कोल्हू व क्रेशर पर जाते हैं उन्हें प्रशासन परेशान न करने की मांग की। ज्ञापन में किसानों ने कहा कि तहसील में फरद लेने के लिए किसानों को दस घंटे तक का समय लगता है। तहसील में परगना वाइज कंप्यूटर रखवाकर फरद कटवाने की व्यवस्था की मांग की गई। हरस्वरूप सैनी की अध्यक्षता व राकेश प्रधान के संचालन में धरने पर मुखिया रामफल सिंह, कुलदीप शर्मा, चौधरी लुधियान सिंह, कल्याण सिंह, अशोक कुमार, हुकम सिंह गुर्जर, लोकेंद्र सिंह, मोहम्मद उस्मान, चौधरी रामपाल सिंह, लक्ष्मी नारायण शर्मा, अजय पाल सिंह, गजेंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह, राजवीर आदि रहे।
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