किसानों का तहसील में बेमियादी धरना शुरू
नगीना। नगीना तहसील प्रशासन द्वारा बृहस्पतिवार को भाकियू के जिलाउपाध्यक्ष सरदार बलिहार सिंह को बैंक का लगभग 10 लाख रुपये बकाया न चुकाने पर पकड़कर तहसील हवालात में बंद किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। किसानों ने तहसील में बेमियादी धरना शुरू कर दिया है।
तहसील प्रशासन द्वारा शुक्रवार की सुबह बलिहार सिंह को तहसील हवालात से बिजनौर जेल भेजे जाने से नाराज यूनियन के कार्यकर्ताओं ने तहसील में बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। शुक्रवार की दोपहर तहसील कंपाउंड में आयोजित भाकियू के धरने में तहसील अध्यक्ष चौधरी वीर सिंह, धर्मवीर सिंह व समरपाल सिंह ने कहा की तहसील प्रशासन दोहरा मापदंड अपना रहा है। उन्होंने कहा की किसानों के चीनी मिलों व अन्य संस्थाओं पर करोड़ों रुपये बकाया है, लेकिन प्रशासन उन्हें छू भी नहीं सकते, जबकि 40 बीघा जमीन को बंधक रखकर 10 लाख रुपये की मात्र तीन महीने पहले कटी आरसी पर किसान को जेल भेज दिया जाता है। किसानों का आक्रोश तब बढ़ गया जब किसानों के सामने बलिहार सिंह को तहसील हवालात से जिला कारागार पहुंचा दिया गया। वीर सिंह ने घोषणा कि किसानों का जिन पर बकाया है उन्हें भी जेल में डालो, नहीं तो किसान को गिरफ्तार करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो। इस मौके पर जितेंद्र पहलवान, सतपाल चौधरी, यशपाल सिंह, अशोक कुमार, जय प्रकाश सिंह, तेजपाल सिंह, अमर सिंह आदि मौजूद रहे। तहसीलदार हामिद हुसैन का कहना है की बलिहार पर पीएनबी रायपुर का लगभग 10 लाख रुपये लोन बकाया है। लोन की आधी रकम जमा कराने पर छोड़ा जा सकता है।