नहरों में पानी नहीं आने पर कलक्ट्रेट में गरजे किसान
बिजनौर। सिंचाई के लिए जनपद की सभी नहर, रजबहों में पानी छोड़े जाने सहित किसानों की अन्य प्रमुख मांगों को लेकर किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। बाद में भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति संगठन की ओर से एक ज्ञापन प्रेषित किया गया।
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत के नेतृत्व में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और धरना देकर बैठ गए। जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत ने बताया कि गर्मी में सिंचाई के अभाव में किसानों की फसल सूखने को तैयार है। फसलों की सिंचाई के लिए नहरों में पानी नहीं है। गेहूं की फसल कटने के बाद अगली फसल की बुवाई के लिए खेतों की सिंचाई को पानी की अति आवश्यकता है। किसानों ने नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की।
इसके अलावा किसानों ने एमएसपी को गारंटी कानून बनाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किए जाने, किसानों को उनके गन्ने का भुगतान 14 दिन में कराए जाने, चीनी मिल गेट व उनके क्रय केंद्रों पर गन्ने की घटतौली को बंद कराए जाने आदि की मांग की। धरना स्थल पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, एसडीओ प्रतिनिधि जिलेदार पहुंचे। अधिकारियों ने नहरों में पानी छोड़ने के लिए दो दिन का समय मांगा है। दो दिन में नहरों में पानी छोड़े जाने के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया। धरने पर राष्ट्रीय महासचिव चौधरी पद्म सिंह, मंडल महासचिव अंबरीष चौधरी, जग्गन अली, रामकुमार सिंह, युवा जिलाध्यक्ष अंकित चौधरी, योगेंद्र सिंह काकरान, गजराज सिंह, मुकुल चौधरी, अतुल चौधरी, जोगेंद्र सिंह, हर्ष चौधरी, राहुल चौधरी आदि उपस्थित रहे।