फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह माह में किसान हो गए 1200 करोड़ के कर्जदार

Tue, 27 Nov 2018 12:49 AM IST
बिजनौर/अमर उजाला/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। कर्ज माफी की आस और गन्ना भुगतान न होने से जिले के किसानों पर छह महीने में 1200 करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ गया है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भी किसान कर्ज माफ होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इसके अलावा गन्ना भुगतान न होने से भी किसान बैंकों से कर्ज ले रहे हैं। जिले के किसानों पर कर्ज अब तक के शीर्ष पर पहुंच चुका है। जिले के किसानों पर कुल 4697 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है।
विज्ञापन


किसानों को कृषि से जुड़े कार्यों के लिए बैकों की ओर से ऋण दिया जाता है। खेती में किसी भी तरह की परेशानी आने पर किसान बैंकों से ऋण ले सकते हैं। इसके लिए किसानों को रुपये किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं। जिले के करीब साढ़े तीन लाख किसान बैंकों से ऋण लेते हैं। किसानों को औसतन हर साल 1500 करोड़ रुपये का ऋण दिया जाता है। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद फसल ऋण मोचन योजना चलाकर किसानों का कर्ज माफ किया गया।

इसमें जिले के 85 हजार से अधिक किसानों का 560 करोड़ रुपये का कर्ज माफ हो चुका है। लेकिन चीनी मिलों पर 540 करोड़ के बकाया और अगले साल लोकसभा चुनाव के बाद फिर से कर्ज माफी होने के लालच में किसान बैंकों से कर्ज ले रहे हैं। जिले के किसानों पर पिछले छह माह में कर्ज का बोझ करीब 1200 करोड़ तक फिर से बढ़ गया है। अगर कर्ज माफ न हुआ तो किसानों को ब्याज अपनी जेब से ही भरना होगा। जिले के किसान एक तिमाही में करीब 500 करोड़ रुपये का कर्ज लेते हैं। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास योजना में किसानों का 65 करोड़ का ब्याज माफ हुआ है।
विज्ञापन


आमदनी बढ़ने के बाद भी कर्ज ले रहे किसान
गन्ने की बंपर पैदावार ने किसानों की आमदनी बढ़ाई है। बीते पेराई सत्र में किसानों ने करीब 3400 करोड़ रुपये का गन्ना मिलों को बेचा था। गन्ने की पैदावार पहले से काफी बढ़ी है। गन्ना ही जिले के किसानों की मुख्य फसल है। पैदावार अच्छी होने के बाद भी किसान ऋण ले रहे हैं।


भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार किसानों से सरकार      कर्जमाफी का झूठा प्रलोभन देती है। सरकार बनने के बाद    कर्जमाफी के नियम व शर्तें लागू कर दी जाती हैं। सभी पार्टी        शत प्रतिशत कर्जमाफी की बात कहती हैं और बाद में भूल जाती हैं। अगर किसान को फसलों के उचित मूल्य नहीं मिल रहे तो वह कर्जमाफी की    आस तो लगाता ही है।
विज्ञापन


मिलों पर किसानों का बकाया गन्ना मूल्य
चीनी मिल    बकाया राशि
स्योहारा            115
धामपुर             113
बिलाई            74
बहादरपुर          51
बरकातपुर        60
बुंदकी            57
चांदपुर            39
बिजनौर           29
नजीबाबाद        2.5
कुल बकाया   540.50 करोड़
नोट : उक्त आंकड़े गन्ना कार्यालय से लिए गए हैं।

किसानों के कर्ज पर एक नजर
साल              कर्ज
2008-09    1071 करोड़
2009-10    1296 करोड़
2010-11    1454 करोड़
2011-12    1842 करोड़
2012-13    2010 करोड़
2013-14    2874 करोड़
2014-15    3250 करोड़
2015-16    3840 करोड़
2016-17    3744 करोड़
2017-18    4300 करोड़
2018-19    3500 करोड़ (मार्च तक)
2018-19    4697 करोड़ (सितंबर तक)
नोट : यह आंकड़े जिला अग्रणी बैंक कार्यालय से लिए गए हैं।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें