- पुलिस ने हंगामे के बाद बैरिकेड्स हटाकर किसानों को दिया रास्ता
- भाकियू लोकशक्ति की महापंचायत में सरकार पर बरसे किसान नेता
- गन्ने का भाव 550 रुपये क्विंटल करने की मांग-फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गन्ना मूल्य, बकाया भुगतान और गन्ने की घटतौली जैसे मुद्दों को लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के कार्यकर्ता और किसान सड़क पर उतर आए। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के काफिले के साथ किसानों ने नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट की ओर कूच किया। नुमाइश ग्राउंड चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। धक्का-मुक्की के बीच काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में किसान पैदल गन्ना समिति पहुंचे, जहां महापंचायत कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत के नेतृत्व में किसान नजीबाबाद रोड स्थित चक्कर चौराहे पर एकत्र हुए। यहां से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए गन्ना समिति की ओर रवाना हुए। किसानों के काफिले और ट्रैक्टरों के कारण सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा। लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। पुलिस ने नुमाइश ग्राउंड पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। गन्ना समिति पहुंचकर वहां महापंचायत की।
महापंचायत में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को गन्ना मूल्य, भुगतान और घटतौली जैसे मुद्दे उठाने से रोकना चाहती है। किसानों की आवाज दबाने के लिए बैरिकेडिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं और छात्रों में बढ़ता असंतोष सरकार की नीतियों का परिणाम है।
जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत ने गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली रोकने के लिए ठोस कदम उठाने और गन्ने का मूल्य 550 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग उठाई। बाद में एसडीएम और सीओ ने किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने अधिकारियों से लंबित मांगों पर जवाब मांगा और ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की। इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नुमाइश ग्राउंड स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। किसानों के आंदोलन को देखते शहर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। कलक्ट्रेट से नुमाइश ग्र्राउंड चौराहे तक दो जगह बैरिकेडिंग लगा रखी थी।
ये रही मुख्य मांगें
- जिले को गुलदार के आतंक से निजात दिलाने।
- बिलाई शुगर मिल बकाया गन्ना भुगतान कराने।
- आगामी पेराई सत्र 2026-27 में गन्ना घटतौली पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने।
- गन्ने की खेती में बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए 550 प्रति क्विंटल घोषित करने।
- जिले की सभी शुगर मिलों एवं फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी और धुएं पर प्रदूषण पर रोक लगाई जाने।
- गन्ने से लदे ओवरहाइट एवं ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण करने।
- सहकारी समितियों में जमा ब्याज पर किसानों की लंबित 4 प्रतिशत सब्सिडी शीघ्र वापस कराई जाए।
- घरेलू बिजली कनेक्शनों के भार में की गई अघोषित वृद्धि को वापस लेने।
महापंचायत में ये रहे शामिल
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रताप नागर, पिंटू त्यागी, राकेंद्र सिंह, चौधरी पदम सिंह, जग्गन अली, देवेंद्र प्रधान, नरेश कुमार, डॉ. गौरव चौधरी, डॉ. अरुण कुमार, सरदार जरनैल सिंह, जसवीर सिंह धारीवाल, योगेंद्र सिंह काकरान, रामअवतार सिंह, अमित राजपूत, मोहित कुमार, सोनू, सनोज कुमार, नौबहार सिंह, सत्यपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
बिजनौर में प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट जाते भाकियू लोकशक्ति के कार्यकर्ता। संवाद- फोटो : ArchivE
बिजनौर में प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट जाते भाकियू लोकशक्ति के कार्यकर्ता। संवाद- फोटो : ArchivE