एक्सईएन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने पर अडे़ किसान
बिजनौर। भारतीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने डीएम उमेश मिश्रा से विद्युत निगम के एक्सईएन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। आरोप लगाया कि एक्सईएन ने रिश्वत न मिलने पर सवा लाख रुपये का इस्टीमेट बढ़ाकर दो लाख कर दिया है।
वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा व जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने डीएम से बताया कि एक्सईएन राजपाल कुशवाहा ने एक किसान के नलकूप का इस्टीमेट एक लाख रुपये का बनाया था और किसान से 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। किसान ने रिश्वत नहीं दी तो एक्सईएन ने इस्टीमेट बढ़ाकर दो लाख रुपये का कर दिया। कहा कि सरकार किसान हितैषी होने का दावा कर रही है, लेकिन अफसर किसानों से ही लूट मचाने में लगे हैं। सरकार किसानों के नलकूपों के बिल आधे कर रही है और अफसर रिश्वत न मिलने पर नलकूपों के इस्टीमेट दोगुने कर रहे हैं।
प्रशासन किसानों की आवाज उठाने वालों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कर रहा है। कहा कि किसानों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक्सईएन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी गई है, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। उन्होंने एक्सईएन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
नहीं ली रिश्वत, आरोप गलत : एक्सईएन
विद्युत निगम के एक्सईएन राजपाल कुशवाहा के अनुसार कुछ किसान नेता उनके कार्यालय में आए और अभद्रता की। वे उनसे सम्मान से बोलते रहे। उन पर रिश्वत मांगने के आरोप पूरी तरह गलत है। उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है।