अफजलगढ़/कासमपुरगढ़ी। गांव कासमपुरगढ़ी के पास स्थित मौजा अल्लेपुर वीरान में लगाए गए पिंजरे में शनिवार सुबह एक मादा गुलदार कैद हो गई। गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन कर्मी गुलदार को पिंजरे सहित पीलीडैम वन चौकी ले गए।
कासमपुरगढ़ी और अल्लेपुर वीरान क्षेत्र में काफी समय से गुलदार देखा जा रहा था। जो पशुओं को अपना निवाला बना रहा था। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने एक सितंबर को वहां पिंजरा लगाया था। रविवार सुबह उधर से गुजर रहे ग्रामीणों को पिंजरे से गुर्राहट की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो पिंजरे में गुलदार कैद था। सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे सहित गुलदार को कब्जे में ले लिया।
वन दरोगा सतबीर सिंह ने बताया कि गुलदार को लुभाने के लिए पिंजरे में मुर्गा रखा गया था। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी नगीना प्रदीप शर्मा ने बताया कि पकड़ी गई गुलदार मादा है, जिसकी उम्र लगभग ढाई वर्ष है। उसे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पीलीडैम स्थित वन चौकी ले जाया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे जंगल में छोड़ा जाएगा। इस दौरान वन दरोगा सतवीर यादव, धर्मेंद्र कुमार, वन रक्षक साजिद कुमार, मुजीब रहमान, प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
जुलाई में भी कैद हुई थी मादा गुलदार : इसी स्थान पर पूर्व में जुलाई माह में भी एक मादा गुलदार पिंजरे में कैद हुई थी, जिसकी उम्र करीब 7 से 8 वर्ष थी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी राहगीरों के सामने प्रतिदिन गुलदार व उनके शावक आते रहते हैं।