बिजनौर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के डिविजनल चेयरमैन एवं उद्यमी विकास अग्रवाल और उनके भाई को अदालत ने पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। पंद्रह साल पुराने फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में एससी एसटी कोर्ट के स्पेशल जज सुनील कुमार ने फैसला सुनाया। इसके बाद दोनों अभियुक्तों को न्यायायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शलभ शर्मा ने बताया कि थाना कोतवाली शहर के बबनपुरा निवासी प्रताप सिंह ने 2011 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि उनके पिता हरि सिंह ने विकास अग्रवाल और सुनील अग्रवाल से दस हजार रुपये पांच फीसदी ब्याज दर पर उधार लिए थे। अधिक बरसात होने के कारण उनके पिता ब्याज नहीं दे पाए। इसके बाद आरोपी उनके पिता पर ब्याज के लिए दबाव बनाने लगे।
विकास अग्रवाल ने उनके घर आकर गाली गलौज की। 28 सितंबर 2011 को जब उनके पिता हल्दौर बाजार से घर लौट रहे थे तभी विकास अग्रवाल और सुनील अग्रवाल ने रोक लिया, जिन्होंने जाति सूचक शब्द कहकर तमंचे से फायर कर दिया।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर विकास अग्रवाल और उनके भाई सुनील अग्रवाल निवासी दारानगर गंज हाल निवासी गीता नगरी बिजनौर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद विवेचना करते हुए आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के बाद साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।