बिजनौर। चालू पेराई सत्र में चीनी मिलों का इंडेड फेल हो रहा है। वजह, चीनी मिलों द्वारा प्रतिदिन गन्ना आपूर्ति के लिए जारी पर्चियों (इंडेड) पर किसान शतप्रतिशत गन्ना आपूर्ति नहीं कर रहे हैं। हालात यह है कि एक गन्ना समिति क्षेत्र में करीब चार हजार किसान ऐसे हैं, जिन्होंने दो तीन पर्ची पर ही गन्ना आपूर्ति की है। आए दिन इंडेड फेल होने पर समितियों ने ऐसे किसानों के नाम पर ही रोक लगा दी है। गन्ना आपूर्ति पर्याप्त नहीं होने से कई चीनी मिलें अपनी क्षमता से कम पर ही गन्ना पेराई कर रही है।
जनपद बिजनौर गन्ना बाहुल क्षेत्र है। जनपद में दो लाख 63 हजार 883 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल है। इस गन्ना आपूर्ति के लिए 10 चीनी मिलें स्थापित हैं। एक चांगीपुर चीनी मिल इसी पेराई सत्र में शुरू हुई है। वहीं इस बार जनपद में गन्ना फसल बीमारी की चपेट में होने से उत्पादन पर भी खासा प्रभाव पड़ा है। उधर, गन्ना उत्पादन कम होने और बाजार में चीनी व गुड़ का अच्छा भाव होने से पावर कोल्हू व क्रशरों में गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर चल रहा है। इस कारण छोटे किसान नकद भुगतान में अपना गन्ना चीनी मिलों व मिलों के क्रय केंद्रों के स्थान पर पावर कोल्हुुओं पर डाल रहा है।
गन्ना समितियों के अनुसार करीब एक गन्ना समिति में करीब चार हजार से ज्यादा किसान ऐसे सामने आए हैं। जिन्हों ने दो चा तीन पर्ची पर ही गन्ना आपूर्ति की और फिर नहीं डाल रहे हैं। विभाग के अनुसार जनपद की चीनी मिलों ने शुक्रवार को 5.46 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की और अब तक सभी दस चीनी मिलों ने 849.60 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की है।
-जारी इंडेड में ऐसे अनेक किसान हैं, जिन्होंने पहले कुछ पर्ची पर गन्ना आपूर्ति की और फिर नहीं की हैं। सभी चीनी मिलें चल रही है। - पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।