बिजनौर में गजरौला-मौजमपुर ब्रांच लाइन का विद्युतीकरण करने के लिए गड्ढे खुदाई का काम शुरू हो चुका है। 2019 के अंत तक सभी ट्रेनों का विद्युतीकरण किया जाना है। रेलवे के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।
गजरौला-मौजमपुर रेलवे लाइन काफी पुराना हो चुका है। इस रेलवे लाइन पर तीन एक्सप्रेस व तीन पैसेंजर ट्रेन अप-डाउन दिशा से प्रतिदिन गुजरती हैं। इन ट्रेन से हजारों यात्री मुरादाबाद, दिल्ली, कोटद्वार आदि स्थानों के लिए यात्रा करते हैं। ट्रैक काफी पुराना होने की वजह से यहां से एक्सप्रेस ट्रेन कछुआ गति से चलती हैं। वर्तमान में इस रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 50 किलोमीटर प्रति घंटा है। ट्रैक को बदलने की जनपदवासी पिछले काफी समय से मांग कर रहे थे। लोगों को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए रेल मंत्रालय ने ट्रैक बदलने के साथ-साथ इसका विद्युतीकरण कराने का फैसला लिया था।
रेल मंत्रालय का लक्ष्य है कि वर्ष 2019 तक देश भर में चलने वाली सभी ट्रेनों और रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया जाए। इससे डीजल आदि से होने वाले प्रदूषण से भी निजात मिल सके और यात्रियों का समय भी बचाया जा सके। स्टेशन अधीक्षक अरविंद कुमार राठी ने बताया कि गजरौला से मौजमपुर के करीब 90 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग का विद्युतीकरण होने से ट्रेनों की स्पीड बढ़ने के साथ-साथ ट्रैक मजबूत होने से यात्रा भी सुरक्षित रहेगी।