बिजनौर में निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही दावेदारों ने चुनावी तैयारियों और तेज कर दी है। यूपी के निकाय चुनाव में पहली बार उतर रही आम आदमी पार्टी को छोड़कर किसी और दल ने अब तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। आम आदमी पार्टी ने चेयरमैन के अलावा कई सीटों पर सभासद पदों की भी घोषणा कर दी है। भाजपा समेत किसी भी दल ने अब तक प्रत्याशी को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। सबसे ज्यादा मारामारी भाजपा के टिकट को लेकर मची है। महिला आरक्षित सीटों पर कोई अपनी पत्नी, कोई मां तो कोई बहन का टिकट कराने के लिए ताल ठोक रहा है। जिले की सभी नगर पालिका व पंचायतों में 22 नवंबर को मतदान होगा।
जिले में 12 नगर पालिका व छह नगर पंचायत हैं। चुनावी मैदान में पहली बार बसपा, सपा, रालोद व आम आदमी पार्टी भी उतर रही हैं। टिकट के दावेदारों ने अपने बैनरों व पोस्टरों से शहर की गलियों को पाट रखा है। हर सीट पर हर पार्टी से एक-एक दर्जन से ज्यादा दावेदार टिकट के लिए ताल ठोक रहे हैं। हाल ही में निकाय में चेयरमैन की सीट पद पर आरक्षण होने से सीट बदल गई थी। जिले की पांच सीट महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गई थीं। अपने लिए टिकट मांग रहे दावेदारों ने इसके बाद परिवार की महिलाओं को चुनावी समर में उतारने की तैयारी कर रखी है। चुनाव की घोषणा होते ही अब टिकट के लिए उनकी दौड़ और तेज हो जाएगी। चेयरमैन पद के अलावा सभासद पद के लिए भी भाजपा का टिकट मांगने वालों का हुजूम उमड़ा हुआ है। सभासद पद का टिकट जिलास्तरीय कमेेटी द्वारा तय किया जाएगा। सभासद के टिकट के दावेदार पार्टी के जिलास्तरीय नेताओं के चक्कर काट रहे हैं।
सभी दल के नेता चुनावी समर में ठोक रहे खम
बिजनौर में निकाय चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के खम ठोकने से चुनावी समर दिलचस्प हो गया है। अब तक भाजपा और कांग्रेस ही निकाय चुनाव में प्रत्याशी घोषित करती थीं, लेकिन इस बार बाकी राजनीतिक पार्टियां भी पूरी तैयारी से चुनावी मैदान में उतर रही हैं। इन पार्टियों के टिकट के दावेदार टिकट पाने की कोशिशों में लगे हैं।
बसपा, सपा, रालोद व आम आदमी पार्टी के चुनाव में आने से इस बार का चुनावी समर बहुत ही कड़ा हो गया है। बसपा कभी निकाय चुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारती थी। इसका सीधा फायदा भाजपा को होता था। बसपा को जाने वाला दलित वोट भाजपा को मिलता था। सपा के भी मुकाबले में न होने से अधिकतर मुस्लिम वोट निर्दलीय मुस्लिम प्रत्याशियों को ही जाता था। बसपा और सपा की कोशिश मुख्य रूप से मुस्लिम वोटरों को अपने पाले में लाने की होगी। इस बार चुनावी मैदान में इन दोनों पार्टियों के अलावा रालोद और आम आदमी पार्टी भी ताल ठोक रहे हैं। रालोद के भी शहर में काफी वोटर रहते हैं। आम आदमी पार्टी भी मुस्लिमों वोटों को अपने पाले में लाने के लिए पूरी कोशिश करने में लगी है। आम आदमी पार्टी द्वारा जिले में अब तक घोषित किए गए सभी प्रत्याशी मुस्लिम हैं, जबकि भाजपा का फोकस हिंदू वोटरों को अपने पाले में रखने के लिए हैं। भाजपाई कुछ मुस्लिम वोटरों को भी अपने पाले में लाने की कोशिश में लगे हैं। इन सभी राजनीतिक दावेदारों का खेल बिगाड़ने के लिए काफी निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
नगर पालिका 2012 2017
बिजनौर अनारक्षित महिला
चांदपुर अनारक्षित महिला
धामपुर अनारक्षित अनारक्षित
नगीना अनारक्षित महिला
नजीबाबाद अनारक्षित महिला
हल्दौर पिछड़ा वर्ग महिला अनुसूचित जाति
किरतपुर महिला पिछड़ा वर्ग
नूरपुर अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
नहटौर अनारक्षित पिछड़ा वर्ग
स्योहारा अनारक्षित अनारक्षित
अफजलगढ़ अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
शेरकोट अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
नगर पंचायत
झालू महिला अनारक्षित
बढ़ापुर अनारक्षित पिछड़ा वर्ग
मंडावर अनारक्षित महिला
सहसपुर अनारक्षित पिछड़ा वर्ग
जलालाबाद अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
साहनपुर अनारक्षित पिछड़ा वर्ग
मतदाता
नगर पालिका 2012 2017
बिजनौर 65919 70995
स्योहारा 34963 35692
चांदपुर 58291 62475
नूरपुर 30503 32641
हल्दौर 15282 15150
किरतपुर 40257 46833
नजीबाबाद 67401 71770
नहटौर 35611 38223
धामपुर 40197 39008
शेरकोट 43832 47565
नगीना 50873 57630
अफजलगढ़ 19678 22806
नगर पंचायत
झालू 14099 16074
मंडावर 14160 17363
जलालाबाद 13126 15575
बढ़ापुर 16845 18299
सहसपुर 16281 18245
साहनपुर 13164 16034
निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में होगा चुनाव:एडीएम
बिजनौर में एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र राम के अनुसार नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2017 जिले में निष्पक्ष, स्वतंत्र और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराया जाएगा। इसके लिए जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभारी एवं सह प्रभारी अधिकारी नामित किया गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की घोषण कर दी गई है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी जिले में आदर्श आचार संहिता निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पालन करना सुनिश्चित कराएं। अधिशासी अधिकारी नगरीय क्षेत्र में बैनर, होर्डिंग्स, बैनर आदि के हटाने की कार्यवाही वीडियोग्राफी के साथ कराएं और रिपोर्ट प्रति दिन अपर जिला अधिकारी प्रशासन को भेजें।
कलक्ट्रेट सभागार में पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों, आरओ, एआरओ आदि की बैठक लेते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि चुनाव कार्मिकों का डाटाबेस, प्रशिक्षण आदि की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट का भी डाटाबेस और उनके प्रशिक्षण की तैयारी भी मुकम्मल हो चुकी है। मतपेटिका एवं स्टील बॉक्स प्रभारी जिला सहायक निबंधक सहकारी को नामित करते हुए सभी आवश्यकता तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए। प्रभारी अधिकारी यातायात द्वारा बताया गया कि वाहनों का अधिग्रहण का कार्य योजना बन गई है। सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी ने बीएसए को निर्देश दिए कि शारीरिक रूप से अक्षम, दिव्यांग, गंभीर बीमारी से ग्रस्त, गर्भवती महिलाओं तथा ऐसी महिलाएं जिनके बच्चे की आयु चार वर्ष या उससे कम है, तत्काल उनकी सूची उपलब्ध करा दें ताकि उन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा जा सके। बैठक में एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्रयाल, चंद्रप्रकाश, मुख्य कोषाधिकारी सूरज कुमार, एसडीएम सत्येंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
यह होगा चुनाव कार्यक्रम
जिले में 29 अक्तूबर से छह नवंबर तक प्रत्याशी नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन पत्रों की जांच सात नवंबर को होगी। उम्मीदवार नौ नवंबर को नामांकन पत्र वापस ले सकते हैं। दस नवंबर को चुनाव चिह्न आवंटित होंगे। 22 नवंबर को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। मतगणना एक दिसंबर को सुबह आठ बजे से होगी।
कंट्रोल रूम पर करें शिकायत
बिजनौर। एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र राम ने बताया कि नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2017 को पूर्ण रूप से स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए कलक्ट्रेट प्रांगण में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहेंगे। यहां चुनाव संबंधी शिकायत फोन नंबर 01342-260200 पर कर सकते हैं।
दावेदारों और राजनीतिक दलों के होर्डिंग्स उतरवाए
बिजनौर में आचार संहिता लागू होते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। नगर पालिका टीम ने शहर भर में लगे राजनीतिक दल से जुड़े होर्डिंग्स उतारने शुरू कर दिए हैं। इन्हें उतारकर कब्जे में लिया जा रहा है। कई जगह पर कुछ प्राइवेट लोग भी दावेदारों के होर्डिंग्स आदि उतारकर अपने घर में रखने में लग गए हैं। होर्डिंग्स उतारने की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। गली मोहल्लों में लगे होर्डिंग्स भी उतवाए जाएंगे।