नांगल सोती/नजीबाबाद (बिजनौर)। गौसपुर में गंगा की धारा से कटते खेत में खड़ी गन्ने की फसल को काट रहे गांव के सत्यपाल (68) और उनकी पत्नी ऊषा (65) बृहस्पतिवार को ढांग के साथ 25 फिट गहराई में गिरकर मिट्टी के नीचे दब गए। पास में ही मौजूद पुत्रवधू शशि (35) के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह मिट्टी हटाकर दंपती को बाहर निकाला।
सत्यपाल के खेत गांव से दक्षिण की ओर 700 मीटर दूर गंगा किनारे स्थित हैं। सत्यपाल सुबह करीब नौ बजे अपनी पत्नी और पुत्रवधू के साथ गंगा की धारा से कटते खेत में खड़ी गन्ने की फसल को काट रहे थे। तभी अचानक ढांग गिर गई। सत्यपाल और ऊषा मिट्टी के साथ 25 फीट गहराई में जा गिरे। कुछ दूरी पर चारा काट रही शशि ने यह मंजर देखा तो उसने शोर मचा दिया। पास के खेत में काम कर रहे गांव के मनोज ने भी और ग्रामीणों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कामेंद्र, शुभम, बृजेश, मनोज आदि ने नीचे उतरकर मिट्टी को हटाना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। सूचना पर थानाध्यक्ष अन्नू कुमारी टीम के साथ पहुंचीं और घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदक भिजवाया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
12 बीघा कृषि भूमि गंगा में समाई
सत्यपाल के पुत्र भूपेंद्र ने बताया कि उनके पास 18 बीघा कृषि भूमि थी। कई वर्षों से गंगा मिट्टी का कटान कर रही है। धीरे-धीरे कर उनकी 12 बीघा कृषि भूमि गंगा में समा गई। अब केवल छह बीघा भूमि ही बची है। चार भाई हैं। उनके हिस्से में अब दो-दो बीघा ही भूमि आएगी।
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कटान क्षेत्र से दूर रहें ग्रामीण : एसडीएम
एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने नायब तहसीलदार अमित कुमार के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि किसानों और ग्रामीणों को गंगा कटान क्षेत्र में न जाने की हिदायत दी गई है।