बिजनौर। सामान्य तौर पर लोग सर्दियों में कम पानी पीते हैं। इसका प्रभाव उनके शरीर पर पड़ रहा है। पानी कम पीने वाले लोगों को हाइपरटेंशन की समस्या बढ़ गई है। जी हां, मेडिकल कॉलेज में इस समस्या के रोजाना 20 मरीज तक पहुंच रहे हैं।
पानी कम पीने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और रक्त गाढ़ा हो जाता है। इसी वजह से रक्तचाप भी बढ़ रहा है जो हाइपरटेंशन और हार्ट अटैक का कारण बन रहा है। इसके अलावा नमक का अधिक सेवन भी शरीर पर हानिकारक प्रभाव डाल रहा है। वहीं, जीवनशैली में बदलाव, शारीरिक निष्क्रियता, मोटापा, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन भी हाइपरटेंशन का शिकार बना रहा है। किडनी की पुरानी बीमारी और मोटापा भी इसका कारण है।
इससे बचाव के लिए जरूरी है कि जीवनशैली बेहतर करें। चिकनाई और अधिक मसाले को सेवन न करें। संतुलित आहार लेने से हाइपरटेंशन की समस्या से बचा जा सकता है। अधिक तनाव लेने की वजह से हाइपरटेंशन की समस्या बढ़ रही है। चिकित्सक मरीजों को परामर्श के बाद इलाज शुरू कर रहे हैं।