पूलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी किशोरी के सौतेले पिता शाम को काम पर चले गए थे। उसके कुछ देर तक उसने फोन देखा। रात में करीब सवा दस बजे पास में ही उसकी बहन पवित्रा और रिया सोई हुई थी।
तभी आरोपी किशोरी ने दुपट्टे से पहले रिया और फिर पवित्रा का गला घोंट दिया। इस वारदात ने दोनों मासूम उठ भी नहीं सकी और दम घुट गया। हालांकि पास में ही इनकी मां भी सोई हुई थी, जिसकी भी आंख नहीं खुली।
हत्या के बाद सूना पड़ा घर
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गुम हो गईं किलकारियां
एक दिन पहले तक जिस घर में छह भाई बहन आपस में प्रेम से रहते थे, वहीं बीती रात मासूमों की बड़ी बहन ही छोटी बहनों के लिए काल बन गई। अपनी बहन के हाथों ही जान गंवाने वाली मासूम रितु व पवित्रा को ये भी अहसास नहीं होगा कि उन्हें अपने साथ खाना खिलाने वाली उनकी देख भाल करनी वाली बड़ी बहन ही उन्हें मौत की नींद सुला देगी।
मां तो अक्सर बीमार रहती है। चार बहनों और डेढ़ साल के भाई के देखभाल की पूरी जिम्मेदारी बड़ी बहन के कंधों पर थी। घटनाक्रम के बाद परिवार के आंगन में बच्चों की किलकारियां कहीं गुम हो गई।