-रायपुर सादात-बढ़ापुर मार्ग में सड़क से कटा हुआ है खो नदी का पुल, दो सालों से बंद है रास्ता
- सीधे गंगा में चली जाती है बालावाली में भी एक सड़क, फंसी थी यूक्रेन की युवती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही गूगल मैप सफर में राह दिखाने का काम करता है। मगर, यह कभी-कभी भटका भी देता है। इसलिए गूगल मैप पर ज्यादा एतबार नहीं करना, क्योंकि अपने जनपद में भी कई रास्ते सीधे नदियों में पहुंचकर खत्म हो रहे है। बढ़ापुर को सीधे नजीबाबाद से जोड़ने वाला मार्ग भी ऐसा ही है, जिस पर पुल सड़क से अलग है और सड़क खो नदी में पहुंचकर खत्म हो जाती है। हालांकि अब सड़क पर दीवार कराते हुए बंद कर दिया गया है।
नजीबाबाद से रायपुर सादात होते हुए बढ़ापुर तक जाने वाले रास्ते में खो नदी पर साल 2012 में पुल का निर्माण हुआ था। साल 2015 में इसका निर्माण हुआ मगर एक ओर पहुंच मार्ग नहीं बन सका था। बाद में ग्रामीणों ने आपसी सहयोग करते हुए पुल को कच्चे रास्ते से जोड़ लिया था।
अब करीब दो साल पहले खो नदी की धारा ने अपना रुख बदला तो सड़क को काट दिया। अब करीब पांच सौ मीटर तक सड़क कटी हुई। गांव शाहलीपुर कोटरा के पास सड़क अचानक से नदी में पहुंचकर खत्म हो रही है।
उधर, गूगल पर सर्च करने से रास्ता साफ नजर आता है। इस बंद रास्ते का केवल आस पास के लोगों को ही पता है। यह महत्वपूर्ण सड़क नहीं होने की वजह से बाहरी लोग नहीं आते जाते, वरना बरेली जैसा हादसे से इनकार नही किया जा सकता।
कोतवाली देहात में हुआ था बरेली जैसा हादसा
तीन साल पहले कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव खेड़ा भी बरेली जैसा हादसा हुआ था। इसमें दिशा भटक जाने के बाद गाड़ी तालाब में डूब गई थी। इसमें पांच युवकों की मौत हो गई थी। कार में सवार युवक एक बरात में आए हुए थे। बरात से लौट रहे पांच युवकों की कार दिशा भटक जाने के कारण तेज रफ्तार से तालाब में घुस गई थी। चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि एक युवक की मौत उपचार के दौरान हुई थी। यह घटना भी गूगल मैप से गाड़ी चलाने के दौरान ही हुई थी, जिसमें युवक भ्रम की स्थिति में आ गए थे।
गंगा के कीचड़ में जा फंसी थी यूक्रेनी महिला की कार
24 जुलाई 2022 को यूक्रेनी महिला अनास्तासिया अपने दिल्ली निवासी पति के साथ हरिद्वार जा रही थी। कांवड़ यात्रा के कारण रूट डायवर्जन के चलते दंपती वाया बिजनौर-बालावाली होते हुए हरिद्वार के लिए चल रहे थे। रात में किसी से रास्ता पूछने के बजाय गूगल मैप का सहारा लिया। बालावाली पुल के पास पहुंचते ही अचानक रास्ता भटक गए। जिन्हें रेलवे के पुराने पुल से गुजरना था, लेकिन एक मोड़ पर मुड़ने के बजाय सीधे पक्की सड़क से गूगल ले गया। यह सड़क गंगा में जाकर खत्म हो जाती है। इसी रास्ते पर चलते हुए पक्की सड़क खत्म हो गई, और कच्चा रास्ता आते ही उनकी गाड़ी जंगल में एक सुनसान जगह पर कीचड़ में फंस गई थी। बाद में पुलिस ने लोकेशन के आधार पर इन्हें ढूंढा और कीचड़ में धंसी कार को ट्रैक्टर से खींचकर बाहर निकाला गया था। रात के अंधेरे में पुलिस की मदद पहुंचने पर विदेशी महिला दंपती की आंखों से आंसू छलक गए थे। बता दें कि जिस मोड़ से इस महिला की कार ने गलत टर्न लिया था, उस पर आज भी कोई संकेतक नहीं लगाया गया है।