फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोबर से बने दीयों से जगमग होगी दीपावली

विज्ञापन
नगीना की श्रीकृष्ण गोशाला में गाय के गोबर से बनाए गए दीये। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
गोबर से बने दीयों से जगमग होगी दीपावली
विज्ञापन

बिजनौर। दीपावली साथ ही अन्य त्योहारों के लिए जनता तैयारी करने लगी है। जिले में देशी गाय के गोबर से बनने वाले दीयों की बिजनौर के अलावा आसपास के जिलों यहां तक की दिल्ली तक से भारी मांग आ रही है। अब तक एक लाख दीयों के ऑर्डर मिल चुके हैं। उम्मीद है कि दीपावली तक सात से आठ लाख तक दीये बिक जाएंगे। दीपावली को पारंपरिक तरीके से मनाने के लिए जनता अब खुद को तैयार कर रही है।
नगीना स्थित श्रीकृष्ण गोशाला की अध्यक्ष अलका लाहोटी गोशाला में लाल सिंधी नस्ल की देशी गायों का संरक्षण करती हैं। पिछले साल उन्होंने पहली बार देशी गाय के गोबर से राखी बनाई थी। इस राखी की काफी बिक्री हुई थी। इस प्रोजेक्ट की कामयाबी को देखते हुए अलका लाहोटी ने प्रयोग के तौर पर लाल सिंधी गाय के गोबर से दीये बनाने शुरू किए। इन दीयों को जनता ने हाथों हाथ लिया। अलका लाहोटी को कुछ ही दिन में देशी गाय के गोबर से बने दीयों के एक लाख ऑर्डर मिल चुके हैं। यहां तक कि आसपास के जिलों से ही नहीं झारखंड, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड आदि से भी गाय के गोबर से बने दीयों की मांग आ रही है। दिल्ली में भी गोशाला में बने दीये बिक रहे हैं। पहले गोशाला में तीन से चार लाख दीये बनाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन शुरूआत में ही एक लाख रुपये का ऑर्डर मिल चुका है। अब सात से आठ लाख दीये बनाने की तैयारी की जा रही है। एक दीये की कीमत तीन रुपये रखी गई है।
विज्ञापन

गिफ्ट पैक में भी उपलब्ध हैं दीये
गोशाला में अब रंग बिरंगे दीये भी बनाए जा रहे हैं। ये दीये गिफ्ट पैक में दिए जा रहे हैं। इस पैक में पांच दीये कलर व एक दीया बिना रंग का होगा। इस एक दीये की कीमत 3.65 रुपये रखी गई है। इन गिफ्ट पैक की भी खूब मांग है। गोशाला में नौ महिलाएं रोज दीये बना रही हैं। एक महिला एक दिन में 250 तक दीये बनाती है। इन सभी महिलाओं को वेतन दिया जा रहा है। दीये बेचकर गोशाला के रखरखाव के लिए पैसा तो आ ही रहा है, साथ ही महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
विज्ञापन

काफी संख्या में बन रहे दीये
श्रीकृष्ण गोशाला की अध्यक्ष अलका लाहोटी का कहना है कि गोबर के दीये काफी संख्या में बनाए जा रहे हैं और महिलाओं को भी इससे जोड़ने के बारे में सोचा जा रहा है। जिले के उपभोक्ता गोवंश संरक्षण के लिए शुरू किए गए इस काम में सहयोग दें। इससे गायों के संरक्षण के साथ ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें